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Tuesday, August 23, 2016

बिजली बचाने और अपने बिल को कम करने के लिए टिप्स पार्ट -3 Save The Electricity and Cut off Bill (Tips & Tricks)

1. पानी का पंप अच्छी रेटिंग का होना चाहिए ।
2. पानी की लाइनों में सही आकार की पीवीसी पाईप का उपयोग करे| उसमे कम से कम घुमाव और मोड़ हो | नल व अन्य जोड़ो में पानी का रिसाव ना हो |
3. ओवर हेड टैंक में पानी भरने वाले पम्प को वाटरलेवल स्वीच द्वारा नियंत्रित करे |


(I) हीटर
1. जंहा तक सम्भव हो सोलर वाटर हीटर का उपयोग करे |
2. नल और पाईप के जोड़ों में पानी के रिसाव से हीटर की क्षमता प्रभावित होती है इसे रोके |
3. हमेशा गर्म पानी के पाइप के साथ इन्सुलेसन का प्रयोग करे ताकि पानी जल्दी ठंडा नहीं हो

(J) कंप्यूटर:
1. अपने घर कार्यालय के उपकरण जब उपयोग में नहीं आ रहे हो तब बंद कर देवे | एक कंप्यूटर अगर 24 घंटे चलता है तो उसकी बिजली की खपत कुशल रेफ्रिजरेटर की तुलना में ज्यादा होती है |
2. अगर थोड़े समय के लिए भी आपको काम नहीं करना है तो मोनिटर को बंद कर सकते है और सीपीयू को चालु रख सकते है इससे भी आधी बचत हो जायगी |
3. कंप्यूटरमॉनिटरऔर कोपीयर आदि मशीने जब उपयोग में नहीं आ रही हो तब स्लीप मोड में रखे इससे 40% तक ऊर्जा की कटौती संभव है  
4. स्क्रीन सेवर्स कंप्यूटर स्क्रीन को सुरक्षित रखता है ना कि ऊर्जा की बचत करता है।

(K) कृषि
1. स्क्सन/डिलीवरी पाईप G I  पाईप की जगह पीवीसी पाइप ज्यादा सही रहती है |
2. घटिया फुट वाल्व की जगह आईएसआई मार्क फुट वाल्व काम में लेवे |
3. घटिया पंप सेट की जगह ऊर्जा कुशल पंप सेट बदलें।
4. सही आकार के पंप सेट का प्रयोग और सही असेसरीज काम में लेवे |
6. कम वोल्टेज में पंप काम में नही लेवे
7 सक्षम बिजली मेकेनिक द्वारा पंप लगवाये पंप सेट की मरम्मत और तारों का कनेक्शन योग्य मैकेनिक से ही करवाए  
8. जब आप पंप चलाते है तो पानी की उपलब्धता का ध्यान जरूर रखे |
9.जंहा तक हो सके मोटर की रिवाएंडिंग से बचे | 

Thursday, August 11, 2016

बिजली बचाने और अपने बिल को कम करने के लिए टिप्स पार्ट -1


बिजली बचाने और अपने बिल को कम करने के लिए टिप्स

      इन आसान स्टेप को अपनाने के बाद आप अपने बिजली के बिल में 30% तक कटौती कर सकतेहै ।

(A) प्रकाश

1. जब जरूरत नहीं हो तब लाईट और पंखे बंद कर दे |

2. जंहा तक हो सके सूरज की रोशनी को ही उपयोग में लेवे |

3. घर की बनावट इस प्रकार की रखे कि ज्यादा से ज्यादा प्रकाश का आगमन हो | 

4. दीवारों का रंग हल्का रखे क्यों कि गहरा रंग प्रकाश को सोखता है जबकि हल्का रंग परावर्तित कर देता है

5. जहां तक ​​संभव हो कार्यस्थल पर ही रोशनी का केंद्र हो आस पास के एरिया पर ना हो |

6. पीले रंग के पुराने बल्ब की जगह CFL या एलईडी बल्ब का उपयोग करें।

7. 36 वाट की पतली ट्यूब लाइट्स, 40 वाट ट्यूब लाइट्स के बराबर प्रकाश देती है ।

8 ट्यूबलाईट में लगने वाले पुराने चोक को बदल कर नया इलेक्ट्रोनिक चोक लगा दे जिससे 40W की ट्यूब लाईट 25W बिजली की खपत करती है और रॉड को लम्बा जीवन प्रदान करता है ||

9. एक तथाकथित शून्य (Zero) वाट का बल्ब (नाईट बल्ब ) 15W से 25 वाट / घंटे की खपत करता है। सीएफएल और LED के 5,7,9,11 वाट क्षमता में उपलब्ध हैं और वे बेहतर प्रकाश देते है ।

10 आज कल कई प्रकार के आटोमेटिक स्विच और सेंसर आ गए है, जैसे लाईट सेंसर ,टाईमर स्वीच ,बोडी थर्मल सेंसर, डिमर जिसका उपयोग पंखे के रेगुलेटर में किया जाता है | आदि को काम में लेकर आप ऊर्जा की बचत कर सकते है |

11. बल्ब और ट्यूब लाइट्स को समय समय पर साफ़ करते रहना चाहिए ताकि इनके ऊपर जमी हुयी धूल मिट्टी प्रकाश को धीमा ना करे |

Saturday, February 21, 2015

राजस्थान के लोक देवता कल्ला जी राठौड़

कल्ला जी का जन्म विक्रमी संवत १६०१ को दुर्गाष्टमी को मेडता में हुआ . मेडता रियासत के राव जयमल के छोटे भाई आस सिंह के पुत्र थे | बचपन मेडता में& ही बीता | कल्ला जी अपनी कुल देवी नागणेचीजी के बड़े भक्त थे| उनकी आराधना करते हुए योगाभ्यास भी किया | इसी के साथ ओषधि विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर वे कुशल चिकित्सक भी हो गए थे | उनके गुरू प्रसिद्ध योगी भैरव नाथ थे |



कल्ला जी राठौड़

उनकी मूर्ति के चार हाथ होते है | इसके बारे में कहा जाता है कि सन १५६८ में अकबर की सेना ने चितौड़ पर आक्रमण कर दिया था | किले की रसद ख़त्म हो गयी थी | सेनापति जयमल राठौड़ ने केसरिया बाना पहन कर शाके का व क्षत्राणियों ने जौहर का फैसला किया किले का दरवाजा खोल कर चितौड़ी सेना मुगलों पर टूट पडी |
सेनापति जयमल राठौड़ के पैरो में गोली लगने से वे घायल हो गए थे | उनकी युध्द करने की बड़ी तीव्र इच्छा थी | किन्तु उठा नहीं जा रहा था | कल्ला जी राठौड़ से उनकी ये हालत देखी नहीं गयी | उन्होंने जयमल को अपने कंधो पर बैठा लिया व उनके दोनों हाथों में तलवार दे दी और स्वयं भी दोनों हाथों में तलवार ले ली | और दुशमनो पर टूट पड़े | जिधर से भे वे गुजरते दुश्मनों की लाशो का ढेर लग जाता | हाथी पर चढ़े हुए अकबर ने यह नजारा देख तो चकरा गया | उसने भारत के देवी दवताओ के चमत्कारों के बारे में सुन रखा था या खुदा ये भी दो सिर और चार हाथो वाला कोइ देव है क्या उसने मन में सोचा |
काफी देर वीरता पूर्वक युध करने पर कल्लाजी व जयमल जी काफी थक गए मौक़ा देख कर कल्ला जी ने चाचाजी को नीचे जमीन पर उतारा और दवा दारू करने लग गए | तभी एक सैनिक ने पीछे से वार कर उनका मस्तक काट दिया | फिर भी बहुत देर तक मस्तक विहीन धड मुगलों से लड़ता रहा |
उनके इस पराक्रम के कारण वे राजस्थान के लोक जन में चार हाथ वाले देवता के रूप में प्रसिद्घ हो गए | आज पूरे मेवाड़ ,पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा उत्तरी गुजरात के गांवों में उनके मंदिर बने हुए है और मान्यता है | चितौड़ में जिस स्थान पर उनका बलिदान हुआ वंहा भैरो पोल पर एक छतरी बनी हुयी है | वहां हर साल आश्विन शुक्ला नवमी को एक विशाल मेले का आयोजन होता है |
कल्ला जी को शेषनाग के अवतार के रूप में पूजा जाता है |

Sunday, April 21, 2013

जोब पोर्टल की हकीकत A TRUE FACT ABOUT JOB PORTAL

      आजकल एक अच्छी नौकरी मिलना और नियोक्ता को एक योग्य कर्मचारी मिलना बहुत ही टेढी खीर है । नियोक्ता और बेरोजगार आवेदक का मेल करवाने मे जोब पोर्टल की अहम भूमिका है , इस क्षेत्र मे अब छोटे से लेकर बडे बडे ग्रुप तक सक्रिय है ।

जब से मै अफगानिस्तान से आया हू मै भी नये जोब की तलाश मे हू , इसलिये मै ने भी इसी प्रकार एक जोब पोर्टल से जुड्ने की सोची । और मुझे इनमे टाईम्स ग्रुप का टाईम्स जोब्स ( http://timesjobs.com) जम गया सोचा कि बडा ग्रुप है शायद कुछ अच्छा ही रहेगा ।

    शुरूआत करने के लिये इस मे आप को अपना रजीस्ट्रेशन करवाना पड्ता है , जिसमे आपका पूरा ब्यौरा जैसे कि नाम पता मोबाइल नम्बर,मेल आई डी आदि देना पडता है । उसमे आप अपना रेज्युम ,अपने प्रमाण पत्र आदि अप्लोड कर देते है । उसके बाद आप इस पोर्टल पर अपनी योग्यता का जोब ढूंढ कर अप्लाई के टेब पर क्लिक कर देते है और आपको मेसेज मिल जाता है कि आपकी अप्लिकेशन सम्बन्धित कम्पनी मे भेज दी गयी है । इस प्रकार आप दिन भर मे अन गिनत जोब हेतु अप्लाई कर सकते है ।

   अगर आप ने दो चार दिन से किसी एक जोब के लिये अप्लाई किय तब तो आपको कोइ नोटिस नहि लेगा लेकिन अगर आप ने  एक ही दिन मे 10-15 जोब अप्लिकेशन भेजी तो आपको उचित पात्र समझ कर टाईम्स जोब्स का प्रतिनिधी आपको फोन करेगा और आपको आप के  अनुभव और आपकी योग्यता के बारे मे पूछेगा और आपको कहेगा कि आप उनकी पेड सर्विस के लिये रजीस्टर करे आपको जोब जल्दी मिल जायेगा ,उसके लिये आप को उनके बैंक अकाउंट मे 2400 रूपये जमा करवाने के लिये कहा जायेगा ,और जब तक आप वो पैसे जमा नहि करवायेंगे तब तक उनका फोन दिन मे चार-पांच बार आयेगा रूपये जमा करवाने पर बैंक वाला आप को  ट्रांजेक्शन आई डी देगा उस आई डी को पाने के लिये उनके प्रतिनिधी का बार बार फोन आयेगा जैसे ही आप वो आई डी बतायेंगे उसके बाद फोन आना बन्द हो जायेगा ।

2400 रूपये मे आपको जो सर्विस दी जाती है उसे वो रेज्युम प्रसार सर्विस कहा जाता है इसमे कहा जाता है कि आपका सीवी इन जोब प्लेसमेंट एजेंसीज मे भेज दिया गया है जिस्मे 100-150 फ़र्जी प्लेस्मेंट एजेंसीज के नाम होते है , । अब आपको कुछ करने की आवश्यकता नही है इंतजार कीजिये दो हफ्ते बाद आपके पास जोब कंसल्टेंट के फोन और काल आने शुरू हो जायेंगे , लेकिन नतीजा शुन्य किसी का भी फोन नही आयेगा ......... ये ही सच्चाई है कुछ दिन बाद आपसे प्रतिनिधी दुबारा सम्पर्क करेगा और आपसे प्रीमियम सर्विस लेने के लिये आग्रह करेगा और कहेगा कि आपका रेज्युम प्रोफेशनल नही है ,आप हमारे प्रोफेशनल के द्वारा अपना रेज्युम बनवा लीजिये जिसके लिये आपको .....रूपये चुकाने है । अब आप ये सोचेंगे कि अगर ये रूपये दे दिये तो शायद काम बन जाये और अगर ना दिये तो पहले के 2400 रूपये भी पानी मे चले जायेंगे । सो आप उनकी इन जालसाजियो मे आकर रूपये चुकाते चले जाते है और नतीजा जीरो .....
मै खुद इस वाकिये क शिकार हू , जब मैने उनके प्रतिनिधी से पूछा कि जो 2400 रूपये दिये है उसी समय आप एक मुश्त क्यो नही ले लेते बार बार किश्तो मे क्यो मांग करते है । जो जोब प्लेसमेंट एजेंसीज कि लिस्ट भेजी जाती है उसमे उनकी मेल आईडी या फोन नम्बर या वेब अड्रेस नही दिया रहता है । मै कैसे मान लू कि मेरा सीवी इन कम्पनीयो को भेजा गया है क्यो कि मेरे पास 1 महीने तक् किसी का भी मेसेज नही आया है कि उनके पास मेरे लायक जोब है या नही है । हा मेरे मैल बोक्स मे स्पैम मैल कि संख्या जरूर बढ गयी है ।
मेरा इस पोस्ट को लिखने का इरादा किसी ग्रुप विशेष कि बुराई करना नही है बल्कि बेरोजगार लोगो का समय और धन बर्बाद ना हो केवल इतना ही है , अगर आपका भी कभी इस प्रकार कि किसी एजेंसी से पाला पडा हो तो अपने विचार और अनुभव यहा जरूर शेयर करे ।

Friday, June 3, 2011

टू व्हीलर वालो के लिए तो ये जुगाड वरदान है .........................नरेश सिंह राठौड़

        अगर आप टू व्हीलर चलाते है ,तो आपका वास्ता उसके पंक्चर होने की स्थति से भी पड़ा होगा | शहरी क्षेत्र में तो इस स्थिति में कोइ ज्यादा परेशानी नहीं होती है क्यों कि थोड़ी थोड़ी दूरी पर पंक्चर बनाने वाली दूकान मिल जाती है | परिस्थिति गंभीर तब बन जाती है जब आप ग्रामीण क्षेत्र से होकर जा रहे हो, वंहा दूर दूर तक किसी दूकान का नाम निशान नहीं हो़ता है |

        इस समस्या से मुझे भी अक्सर दो चार होना पड़ा तब मुझे किसी परिचित ने इस जुगाड से परिचय करवाया | इसका नाम क्या है ये मै भी नहीं जानता हूँ | आप कुछ भी नाम रख लीजिए इससे कोइ फर्क नहीं पड़ता है | इसकी बनावट पलम्बरिंग में काम में आने वाली एक डिवाइस जिसे रेडुसर (reducer) कहते है को देख कर की गयी है | जो की मोटी पाईप को पतली पाईप से जोड़ने के काम आता है| इस जुगाड़ के द्वारा आप साईकिल में हवा भरने वाले पम्प से अपने टू व्हीलर या फॉर व्हीलर के टायर में हवा भर सकते है | एक बार हवा भर जाने से आप नजदीक के 10 -15 किमी में किसी भी पंक्चर बनाने वाली दूकान तक आराम से पहुच सकते है , और साईकिल का पम्प आसानी से हर जगह पर मिल ही जाता है | अरे !कीमत बताना तो भूल ही गया मात्र दो रूपये .......!

      अब आप इसकी बनावट को सचित्र देखिये |





 

Tuesday, May 3, 2011

अपने नाम को सार्थक करता एक बलोग ---जुगाड

अंतर्जाल पर भ्रमण करते करते ,जुगाडो की खोज करते करते इस जुगाड नामक ब्लॉग पर पहुचा | जैसा की नाम से जाहिर है ये कोइ विद्वान बलॉगर का तो बनाया हुआ हो ही नहीं सकता है | ये ब्लॉग बिना किसी तड़क भडक के है यानी की कोइ विजेट इस पर नहीं है | इस ब्लॉग में सारा मसाला दुसरे ब्लॉगों से उडाया हुआ है जो की ब्लॉग के शुरुआत में मोटे अक्षरों में लिखा हुआ भी है कि माल चोरी का है |

      खैर हमें चोरी और साहूकारी से क्या लेना देना मैने तो इसकी पोस्ट को देख कर आप लोगो से इसे साझा करने की सोची है | हिन्दी ब्लॉग बनाने वाले शुरुआती लोगो के बहुत से प्रश्न होते है उन सभी प्रशनो का यंहा समाधान शायद हो जाएगा | क्यों कि इसमें ब्लॉग की शुरुआत कैसे करते है पोस्ट कैसे लिखते है इस प्रकार की समस्त जानकारी जो ब्लॉग प्रवेशिका के नाम से संजीव भाई ने लिखी थी वो सभी पोस्ट यंहा है | अन्य हिन्दी के तकनीकी ब्लॉगों की सभी महत्वपूर्ण पोस्ट के लिंक यंहा दिए गए है | जैसे हिन्दी ब्लॉग टिप्स (आशीष भाई ) ,प्रतिभास (अनुनाद सिंह जी ),रचनाकार (रवी रतलामी जी )आरम्भ (संजीव तिवारी ) आदी | अगर आप भी किसी ब्लॉगर की सहायता करना चाहते है तो उसे इस ब्लॉग का लिंक पकड़ा कर चैन की बंसी बजा सकते है वो इसकी गलियों में ज्ञानार्जन करता रहेगा | क्यों कि जिस हिन्दी ब्लॉग के तकनीकी ज्ञान कि आवश्यकता उसे है वो सभी यंहा मिल जाएगा |

     अंत में आप यदि ये जाना चाहते है कि ये ब्लॉग किसका है तो वो मुझे भी पता नहीं है | क्यों कि एस प्रकार कि सूचना इस पर कही भी नहीं दी गयी है |

Sunday, April 24, 2011

चर्चा दो ब्लॉगों की

     आज मै आपको दो स्थानीय ब्लॉगों के बारे में बताने जा रहा हूँ | जिसमे से पहला ब्लॉग है माऊ -बाबो और दूसरा है  आवाज अपनी |

     दोनों ब्लॉगों में जो समानता है वो ये है की ये दोनों ही नयी पीढ़ी के ब्लॉगर है जो अभी अध्ययन कर रहे है | दोनों ही राजस्थान के है | दोनों ही कुंवारे है और दोनों में ही कुछ खासियत है जो मै आपके सामने ला रहा हूँ | मै नहीं चाहता की ये ब्लॉग प्रोत्साहन के अभाव में गुम हो जाए |

     माऊ बाबो ब्लॉग के ब्लॉगर है अंगद बारुपाल जी ,ये हनुमान गढ़ के गाँव रोंरावाली के रहने वाले है | अभी कोलेज में पढते है | मै यूही विचरण करते हुए इनके ब्लॉग पर पहुचा | इनके ब्लॉग पर चार पोस्ट अब तक लिखी गयी है | जिसमे इनकी सृजनशीलता की झलक मिलती है | राजस्थानी भाषा में लिखी गयी लघु पोस्ट और चित्रों का सुंदर उपयोग इनके लेखन को बहुत प्रभावशाली बनाता है | जो भी लिखा है उसमे लीक से हट कर लिखा है | मै तो इस ब्लॉग से बहुत प्रभावित हुआ हूँ | अगर आप भी राजस्थानी भाषा की थोड़ी बहुत समझ रखते है तो इस ब्लॉग से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते है |

     दूसरा ब्लॉग है आवाज अपनी जिसके ब्लॉगर है तरुण भारतीय | इन से मै आमने सामने भी मिल चुका हूँ ये हमारे गृह जिला झुंझुनू के गाँव गोविन्द पुरा के रहने वाले है | अभी इस वर्ष बी एड कर रहे है | समय समय पर इनकी वार्ता चुरू और जयपुर आकाशवाणी केन्द्र से प्रसारित होती है | इतनी कम उमर में लेखन के प्रती इन का  जज्बा काबिले तारीफ़ है | ये पतंजली योगपीठ की झुंझुनू इकाई में पदाधिकारी भी है | लोगो को योग सिखाते है |

    दोनों ब्लॉगर ऊर्जा से भरे हुए है मै इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ |

Tuesday, December 21, 2010

चर्चा हिन्दी के कुछ यूनिक ब्लोगों की पार्ट १ ..............नरेश सिंह राठौड़

हिन्दी ब्लॉग जगत में चिटठा संसार बहुत तेजी से बढ़ रहा है | इतने सारे ब्लोगों में कुछ ब्लॉग ऐसे भी है जो अपने आप में अलग है | मै यहां उन ब्लोगों की चर्चा कर रहा हूँ ताकी नए पाठको को उनके बारे में भी पता चल सके |

१. तीसरा खम्भा -यह ब्लॉग श्री दिनेश्वर राय द्विवेदी जी द्वारा लिखा जा रहा है | इस ब्लॉग में पाठको की क़ानून सम्मत समस्याओं का समाधान बताया जाता है जो की निःशुल्क सेवा है | ये ब्लॉग एक सक्रिय बलोग है |तथा अपने आप में यूनिक है | दिनेश्वर राय जी कोटा (राजस्थान ) में रहते है तथा वकालत के पेशे में है |

२. भाग्योदय ओगेनिक - यह ब्लॉग कृषि आधारित ब्लॉग है इसमें पेड़ पौधे एवं बागवानी पर बहुत सी सामग्री लिखी गयी है  |

विज्ञान गतिविधियाँ इस ब्लॉग के लेखक श्री दर्शन लाल बवेजा जी  है | इसमें बच्चो को विज्ञान के छोटे छोटे सरल प्रयोग सिलाये जाते है,जो की बच्चो के पढाई के साथ साथ सर्जनात्मकता को भी विकसित करते है |

४. मीडिया डॉक्टर यह ब्लॉग डोक्टर प्रवीण चौपड़ा जी का है - जो की  रेलवे विभाग में दांतों के स्पेशलिस्ट है |हरियाणा में रहते है इनके बलोग में दांतों के रोग एवं उनका उपचार कैसे किया जाता इस विषय पर बहुत पोस्ट लिखी गयी है |

५. मुसफ़िर  हूँ यारो- इस बलोग को नीरज जाट लिखते है जो दिल्ली मेट्रो में काम करते है ये ब्लॉग उनके द्वारा जितना पर्यटन किया गया है उसका लेखा जोखा है | ये ब्लॉग पर्यटन हेतु बढ़िया सन्दर्भ का काम देता है | इस बलोग पर चित्रों की भी बहुतायत है जो की पोस्ट को सजीव कर देती है |

..ब्लॉग परिक्रमा  - ये एक ब्लॉग जगत के ऊपर पैनी नजर रखने वाले रविन्द्र प्रभात जी ने बनाया है इस ब्लॉग में ब्लॉग जगत के सभी नए पुराने ब्लोगों के बारे में लिखा गया है | हिन्दी ब्लॉग जगत के विकास को विस्तार पूर्वक बताया गया है |इस प्रकार का ज्ञानवर्धक ब्लॉग,हिन्दी ब्लॉग शोधक विद्यार्थी के बहुत काम आता है  |

७. मल्हार    - इस ब्लॉग के लेखक   श्री पी.एन.सुब्रमनियन साहब  है | यह ब्लॉग ऐतिहासिक यात्राओं के ऊपर लिखा गया है| इसमें उस स्थान की स्थापत्य कला एवं संस्कृति के बारे में विस्तार से पढने को मिलता है |

८. गत्यात्मक ज्योतिष - ये ब्लॉग संगीता पुरी जी चलाती है | जो की बोकारो बिहार में रहती है | इस बलोग में ज्योतिष विधा का अलग ढंग से परिचय करवाया गया है जो की ग्रहों एवं नक्षत्रो की चाल का गणन करके भविष्य फल का निष्कर्ष निकाला जाता है |

९. हिन्दी बलोगरो के जन्म दिन - ये बलोग बी एस पाबला जी द्वारा संचालित है इसमें समस्त हिन्दी बलोगरो का जन्मदिन का ब्योरा रहता है जिस दिन जिस बलोगर का जन्म दिन होता है उस दिन उसकी सूचना इस ब्लॉग पर पोस्ट के रूप में लगाई जाती है | जिससे पाठको को पता चल जाता है की आज किस बलोगर भाई का जन्म दिन है और वो उन्हें बधाई सन्देश भेज सकता है |

१०. दाल रोटी चावल - ये बलोग पाक कला पर आधारित कम्यूनिटी बलोग है जिसे काफी लोगो द्वारा मिल कर चलाया जाता है | यहां नयी नयी रैसिपी से रूबरू करवाया जाता है |

११. नारी ये महिलाओं द्वारा बनाया गया साझा ब्लॉग है जिसकी मोडरेटर रचना जी है | ये एक नई प्रधान ब्लॉग है जिसमे नारी से जुडी समस्याओं पर लिखा जता है |इस ब्लॉग पर केवल महिलाए ही लिख सकती है |

१२. शब्दों का सफर - इस बलोग के लेखक श्री अजित वडनेरकर जी है | इसमें किसी भी एक शब्द पर पूरे पोस्ट लिखी जाती है जैसे की उस शब्द का उद्भव ,उसका दूसरी भाषा में प्रयोग आदि आदि विस्तार पूर्वक समझाया जाता है | इस प्रकार का ये एक मात्र हिन्दी बलोग है |

१३. प्राईमरी  का मास्टर - ये फतेहपुर के प्रवीण त्रिवेदी के द्वारा संचालित बलोग है जिसमें प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को उकेरा गया है | इसमें मास्टरों के अन्तर्द्वन्द को भी दिखाया गया है | बालको को कैसे शिक्षा दी जानी चाहिए वो भी बताया गया | 

१४. चिट्ठा चर्चा  - ये बलोग हिन्दी बलोगो [पर लिखी जा रही पोस्टों के बारे में बताता है | इस प्रकार के और भी बलोग है जैसे बलोग ४ वार्ता | लेकिन  चिट्ठा चर्चा  ब्लॉग पुराना है और सक्रिय है |

१५. तरकश डोट कोम - ये पोर्टल बहुत बढ़िया है | इस पोर्टल पर रोजाना चार पांच पोस्ट पब्लिश होती है जो की स्वास्थ्य ,समाज ,सामाचार ,तकनीक ,गैजेट्स आदि पर आधारित होती है |

१६.  मेरे अंचल की कहावते _ यह एक साझा बलोग है जिसमे क्षेत्रीय  कहावतो का समावेश रहता है |

१७ .हिन्दी फिलम संगीत का खजाना _ इस बलोग में हिन्दी गीतों के वीडियो लिरिक्स सहित मिलते है गीतों का वर्गीकरण भी वर्ष के हिसाब से टैग लगे है |

१९. भाषा शिक्षा एवं रोजगार - इस बलोग पर आपको रोजगार संबंधी ताजा सुचनाये मिलेगी | देश भर की सभी यूनिवर्सिटी के लिंक यहां मिल जायेंगे और भी बहुत कुछ है यहां पर |

२०.सर्प संसार  ये साझा बलोग है जिसमें सांपो की दुनिया के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बताया गया है |

२१. हिन्दी इंटरनेट   यंहा आपको हिन्दी का संसार मिलेगा हिन्दी के महत्वपूर्ण बलोग ,साईट,एवं पोस्ट और वो भी वर्गीकरण किये हुए | बहुत कुछ मिलेगा, हिन्दी प्रेमी लोग  एक बार अवश्य देखे |

नोट- ये ब्लॉग मैने अपने नोलेज के आधार पर छांटे है अगर आप भी इस प्रकार के किसी अन्य ब्लॉग के बारे में जानते है जो अपना अलग विषय रखता हो तो उसे भी यंहा पर बताए |

Friday, December 17, 2010

विस्तरित बातचीत वरिष्ठ पत्रकार और टोटल टीवी के संपादक श्री उमेश चन्द्र जोशी जी से

     "आप सत्य के साथ समाज हित की लड़ाई लड़ोगे तो सफलता आपके साथ हमेशा चलेगी " ये कथन है वरिष्ट पत्रकार और टोटल टीवी के संपादक श्री उमेश चन्द्र जोशी जी का | ११ दिसम्बर सुबह सुबह मिलने का वक्त तय किया था श्री जोशी जी ने,और मै ने उन्हें सुबह सुबह ही घेर लिया मै पहुंचा तब वे ठीक से तैयार भी नहीं हो पाए थे |
ऊर्जा वान जोशी जी मुस्कराते हुए 


     जोशी जी अपनी भतीजी की शादी में पिलानी(जिला -झुंझुनू (राज.) आये हुए थे | मेरी उनसे फोन पर बातचीत हुई थी मेरी प्रार्थना पर उन्होने मुझे मिलने का समय दिया  | और मै ठहरा एक हिन्दी ब्लोगर मौक़ा कैसे चुकता सो मैं  फ़टाफ़ट उनसे मिलने पहुच गया | हालांकि पिलानी आगमन उनका पारिवारिक कार्यक्रम था सो किसी पत्रकार को खबर ना कर के अकेले ही इस सुअवसर का लाभ उठा लेना उचित समझा |

     श्री जोशी जी की पैदाइश राजस्थान के अलवर जिले में नायसराना नामक गाँव की है | नायसराना में उस समय विधा अध्ययन करना बहुत ही कठिन काम था | जमीन पर बैठना पड़ता था अपने घर से बोरी या चटाई लेकर जाना पड़ता था स्कूल की छत फूस की थी जो बारिश के समय चुने लग जाती थी | मजबूरन बरसात के दिनों में छुट्टी करनी पड़ती थी | ये बताते हुए जोशी जी अतीत में खो जाते है | और अपने भाईयो की तरफ इशारा करते हुए गर्व से बताते है की ये लोग भी उसी स्कूल से निकले हुए है | जिनमे एक भाई आजकल आर्थोपेडिक सर्जन है जयपुर रहते है ,एक वकील है जो कोटपुतली में रहते है | एक भाई लक्ष्मीनारायण झुंझुनू वाला ग्रुप में मैनेजर है | एक भाई सरकारी वैध की पोस्ट से रिटायर हो गए है और आजकल गाँव में ही दवा दारू करते है | जोशी जी ने बहुत आत्मीयता के साथ अपने परिवार जनों से मेरा परिचय करवाया | परिवार के लोग बहुत ही मिलन सार है |
फोन में कुछ ढूंढते हुए जोशी जी 
     जोशी जी ये बात बताते हुए रोमांच से भर जाते है की वे हिन्दुस्तान के पहले  ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने रेडियो ,टीवी ,और अखबार तीनो माध्यमो में काम किया है | २९ साल से कैमरे का सामना कर रहे है | जनसत्ता में उन्हें २१ साल का कार्यानुभव रहा है | रेडियो में १५-१६ साल काम किया है और टीवी में १९८१ में समाचार वाचन का काम किया | १९८४ में उन्होंने आकाशवाणी में समाचार वाचक का काम शुरू किया | उद्घोषक के तौर पर काफी पहले ही काम करना शुरू कर चुके थे | ये बताते हुए जोशी जी फिर अतीत में खोने लग जाते है |वे बताते है की समय की पाबंदी और आवाज का सामंजस्य उन्होंने आकाशवाणी में सीखा था | वहा उस समय रिताशु भादुड़ी नामके एक दिग्गज थे जिन्होंने मुझे माइक्रोफोन पकडना सिखाया और सांस कैसे लेना है कब रूकना है कब बोलना है, मुह से माइक की दूरी कितनी होनी चाहिए ये सब उन्होंने सिखाया जो आज भी काम आ रहा है |

     एकरिंग के अलावा मैंने कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मे भी बनाई है | लेकिन समय अभाव के कारण अब ये काम नहीं कर पाता हूँ भविष्य में समय मिल पाया तो इस काम को आगे बढ़ाऊंगा |

     पत्रकारिता के बारे में पूछने पर बताते है की वो जनसत्ता से काफी समय से जुड़े रहे है | एक्सप्रेस ग्रुप में काम करके उन्हें काफी अनुभव हुआ है | जनसत्ता में पत्रकारों का चयन बहुत ही कठिन परीक्षणों के बाद होता है | वहां जो भी काम कर लेता है वो इस क्षेत्र में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता है | इस ग्रुप की काम करने की शैली स्पष्टवादिता की रही है |   यंहा के बारे में बताते हुए जोशी जी कहते है की मैंने स्वर्गीय प्रभाष जोशी के समय में काम किया है | प्रभाष जी कहते थे की आप का काम है न्यूज लाना और विज्ञापन विभाग का काम है विज्ञापन लाना | जिसका विज्ञापन लगा है और उसके खिलाफ भी कुछ लिखना पड़े तो उस विज्ञापन के बाजू में बेहिचक छाप दो ज्यादा ज्यादा ये होगा की अगली बार विज्ञापन नहीं देगा लेकिन सच्चाई से मुह तो नहीं मोडोगे | प्रभाष जी ने कभी भी किसी पत्रकार की कोइ भी खबर छपने से नहीं रोकी भले ही वो किसी के भी विरूद्ध क्यों ना हो |ये मेरा सौभाग्य है की मै आज तक जिन संस्थानों में काम किया है वहां मेरे ऊपर किसी का अनावश्यक दबाव नहीं रहा है यही वजह है की मै आज तक अपनी बात खुल कर कहता आया हूँ |

     पत्रकारिता के वर्तमान हालात पर चर्चा करते हुए वे बताते है की बहुत दुःख होता है जब किसी व्यक्ति से परिचय कराया जाता है और यह क़हा जाता है की इनसे मिलिए ये फला साहब है और बहुत ही इमानदार है | क्यों की इमानदार होना मनुष्य का पहला गुण होना चाहिए | ईमानदारी तो इनबिल्ट होती है उसे उस के लिए परिचय में जोड़ने की क्या जरूरत है | एक पत्रकार के लिए ईमानदार होना पहली जरूरत है | अगर आपको बेईमानी ही करनी है तो आप पत्रकारिता का पेशा क्यों चुनते है दूसरा ही कोइ व्यवसाय चुन कर करे | इस पेशे में ना आये तो ही बेहतर है | अगर शराब बेचना है तो विटामिन का लेबल लगाकर ना बेचे उसे शराब के ही रूप में बेचे | दलाली ही करनी है तो पत्रकार ना बने, दलाल ही बने | हमारे समाज को पत्रकारों से बड़ी आस है मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ समझा जाता है | अगर तीनों स्तंभों पर अंकुश रखने वाला चौथा स्तम्भ ही भ्रष्ट हो जाएगा तो लोकतंत्र का क्या होगा  | मै गरीबी से ऊपर उठकर आया हूँ उसी ग्रामीण समाज से हूँ | जो आज अभावो को झेल रहा है | आज उसके लिए आवाज उठाना ही मेरी प्राथमिकता है |

     जब मैने उनसे ये जानना चाहा की आप कैमरे के सामने होते है या लिखते है तब आपकी राजनैतिक विचारधारा का प्रभाव कभी आपके ऊपर हावी नहीं होता ये चीज कैसे संभव होती है ? जवाब में वे कहते है की जब मै प्रोग्राम कर रहा होता हूँ तो मेरे सामने हमेशा आम आदमी का हित और सच्चाई ही सर्वोपरि होता है ना की मेरी राजनैतिक विचारधारा | मै जिस पार्टी को चाहता हूँ अगर उस पार्टी के द्वारा भी कुछ गलत हुआ है तो मै उसकी भी बुराई करने में नहीं हिचकता हूँ |

      जोशी जी से परिवार के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया की उनके तीन बेटियाँ है | एक बेटी जिसका नाम विधा लाल है वो कत्थक की राष्ट्रीय स्तर की डांसर है | उसके पति भी उसके साथ परफोर्म करते है वर्तमान में फीजी में रहते है  | दूसरी बेटी साक्षी जोशी है जो पहले यहां स्थानीय न्यूज चैनल में काम करती थी आजकल बी बी सी में काम करती है |  तीसरी बेटी ने एम् बी ए किया है और अपनी गृहस्थी में मस्त है| (नीचे वीडियो में आप उनकी लड़की विधा लाल को फीजी में परफोर्म करते हुए देख सकते है ) 

     मैंने उनसे हिन्दी बलोग के बारे में पूछा तो उन्होंने क़हा की ये माध्यम भी आजकल अपनी आवाज को समाज के दुसरे वर्गों तक पहुंचने का जरिया बन गया इसमें दोनों तरफ से प्रतिक्रिया मिल जाती है |आपके लिखे जाने का प्रभाव तुरंत पता चल जाता है | मैंने भी अपनी बात कहने के लिए एक ब्लॉग बनाया था जिस पर आजकल समयाभाव की वजह से कोइ पोस्ट नहीं का पा रहा हूँ |

     इस उम्र में उनकी एनर्जी का राज भी उन्होंने मरे पूछने पर जाहिर कर दिया | वे कहते है सुबह चार बजे उठता हूँ चार गिलास पानी पीकर ६ किलोमीटर की सैर पर निकल जाता हूँ | वापस आकर आधे घंटे प्राणायाम करता हूँ | और ये दैनिक कार्यक्रम का हिस्सा ही मेरी ऊर्जा का राज है |

     मै जोशी जी का प्रशंसक कैसे बना इसके बारे में भी बताता चलू की जोशी जी को मै टोटल टीवी पर रोजाना शाम को ८ बजे से ९ बजे तक उनके एक कार्यक्रम मूड ऑफ इंडिया में देखता हूँ | एक समाचार वाचक खबर पढता है उसके बाद वो उस पर जोशी जी से प्रतिक्रिया पूछता है और जोशी जी उस खबर का सारा गुना भाग समझाते है | ऐसा लगता है जैसे वाचक ने उस खबर को लाल रंग के प्याज की शक्ल में थमाया हो और जोशी जी उसकी परत दर परत उतार कर उस लाल रंग के प्याज को छोटे से सफेद प्याज में बदल देते है | आखिर में जब खबर का सार निकल कर सामने आता है तब वो खबर इस प्रकार की खबर बन जाती है जिसका सरोकार समाज एवं आम आदमी से होता है | जोशी जी की ये ख़ासियत दूसरों से अलग करती है |

     समय काफी हो गया था(लगभग ४ घंटे ) उनके परिवार वाले भी विवाह की रस्मो के लिए उन्हें बुलवा रहे थे सो मेंने फिर मिलने का वादा लिया उन्हें अपने गाँव आने का निमंत्रण दिया और विदा ली | वो मुझे छोड़ने बाहर तक आये |
जोशी जी का ब्लॉग  है -: मुझे बोलने दो http://mujhebolnedo.blogspot.com

Monday, December 13, 2010

गूगल रीडर के द्वारा पढ़िए अपने पसंदीदा ब्लोगों की नयी पोस्ट (पुन प्रकाशन )

क्या आप भी Internet पर पढने की आदत रखते हैं?
क्या आपके पसंदीदा Blogs की सूची जरा लम्बी है?
क्या आपका  Email Box केवल आपके Subscribe किए ब्लॉग के पोस्टों से भरा रहता है?
क्या आप भी ब्लोगवाणी और चिठ्ठाजगत की अनियमितता से नयी पोस्ट पढ़ने से वंचित रहते है ?
अगर आपका जवाब “हाँ” हैं तो आपके लिए Google Reader काफी फायदेमंद हो सकता है.
आप अपने पढने के शौक को और मजेदार बना सकते हैं और थोड़ा काम का भी.

चलिए जानते है कैसे. लेकिन पहले कुछ जरूरी और Basic जानकारी.

Google Reader, Google का Feed Reader Application है जिससे आप किसी भी ब्लॉग के Updates यानि उसके नए पोस्टों को पढ़ सकतें हैं.  ये आपके Google Account (Gmail या Orkut वाला) पर ही काम करता है यानि नया Account बनने की जरुरत नही.
पर इसका क्या फायदा है? ये काम तो आप उस ब्लॉग पर जाकर भी कर सकते हैं, तो एक नए जंजाल की क्या आवश्यकता? यही सोच रहें है ना?
तो हरेक ब्लॉग को उसके वेब पते पर जाकर पढ़ना और सबसे बड़ी बात उन्हें याद रखना काफी जटिल काम हो जाता है. और अगर वहां पर कोई नए पोस्ट न हो तो मेहनत बेकार !!! है ना?
तब यहाँ पर Google Reader का काम आता है. इससे आप जितने चाहें ब्लॉग को एक ही जगह से पढ़ सकतें है. बस Google Reader खोलिए और जो भी ब्लॉग अपडेट हुए है उन्हें पढ़ लीजिये या फिर उनकी पुरानी पोस्टों को भी.

और आपको सभी ब्लॉग को Email से भी पढने की जरुरत नही होगी. बस उन्हें अपने Google Reader में Subscribe कर लीजिये और काम खतम.
Google Reader में किसी भी ब्लॉग को Subscribe करने के दो रास्तें हैं.
Manualy Subscription : जिसमे आपको किसी भी ब्लॉग या उसकी Feed का पता डालना होगा और वो आपके Google Reader से जुड़ जायेगी.(नीचे वाले स्क्रीन शोट में आप देख सकते है )
Automatic Subscription : जिस भी ब्लॉग या साईट में लिंक हो “Add To Google” या ऐसा ही कोई और Option हो तो आप उस लिंक पर क्लिक करके ही उसे अपने Google Reader में जोड़ सकतें हैं.


तो ये तो थी ब्लोगों को Google Reader में जोड़ने की विधि.
अब आप स्वतंत्र है खुल के पढने के लिए. और हाँ इससे आपका प्यारा Email Box भी थोड़ा खाली ही रहेगा क्योकि आप अब Email Subscription की जगह Feed Subscription को वरीयता देना शुरु कर देंगे.

Google Reader for Advanced Bookmarking

अगर आप दिन भर में बहुत ज्यादा नई नई Sites या ब्लॉग को देखते रहते हैं तो Google Reader उनमे से कुछ Special को याद रखने में आपकी काफी मदद कर सकता है. आपको बस एक छोटा सा काम करना होगा.
आपके Google Reader में Notes नाम का option होगा.

इस पर क्लिक करने के से आपके save किए गए Notes खुल जायेंगे. और उसके साथ साथ Notes save करने का Bookmarklet भी.

उस Bookmarklet को Drag (खींच) करके अपने Browser के Bookmark Bar में ले जाईये.

बस काम खतम. अब कोई भी Site देखिये और वो important है तो इस Bookmarklet पर Click कर दीजिये.

Google Reader का एक बॉक्स खुल जाएगा और फिर आप वही से इस पेज में Note लगाकर अपने Google Reader Note में  Save कर सकते हैं.
लेकिन Google Reader में login होना मत भूलियेगा.
है ना मजेदार? अब कभी आप ये शब्द नही कहेंगे की “अरे यार Site का नाम याद नही आ रहा है जिसमें मैने उस चीज को देखा था“. बस अपना Google Reader खोलेंगे और वही से Note में जाकर सभी को देख लेंगे.

Social Sharing of Notes and Blog Posts

Google Reader, आपके शेयर किए गए Notes और Blog Posts को दोस्तों और दुनिया से share करने की भी सुविधा देता है.
इसके लिए बस आपको अपने वेब Notes या Blog Post  के नीचे share वाले बटन को Click करना होगा.

आपके share किए Items आपके दोस्तों को मिलते हैं और साथ साथ एक वेब पेज पर भी आ जातें हैं. इस वेब पेज का प्रयोग आप अपनी ऑनलाइन Bookmark लिस्ट के रूप में कर सकतें हैं.

आप देख सकतें है कितने सारी सुविधाएँ है यहाँ पर. तो एक अच्छे दोस्त होने का काम कीजिए और अच्छी चीजों को लोगो को बताईये……….

कैसे लगे ये Google Reader के Advanced प्रयोग?
(नोट- ये पोस्ट अंकित भाई के  ब्लॉग(प्रथम) पर  प्रकाशित हुई थी  अब वो पेज वंहा नहीं नहीं है | अगर ये पोस्ट अब वंहा पर होती तो मुझे दुबारा इसे प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं थी सीधे ही आपको उसका लिंक दे देता | इस पोस्ट का 95 प्रतिशत भाग अंकित भाई का है चित्र मेरे है | इस लिए इसका सारा श्रेय अंकित भाई को जाता है )
 आपके पढ़ने लायक यंहा भी है 





उजळी और जेठवै की प्रेम कहानी और उजळी द्वारा बनाये विरह के दोहे -----ज्ञान दर्पण

भीम और दुर्योधन का टेस्ट : ब्लागाचार्य द्वारा टी.आर.पी. बढाने के लिये?.....ताऊनामा 

सरसों की फसल और सर्दी परवान पर, ............       मालीगांव

 राजपूत वर्ल्ड 

Wednesday, November 10, 2010

शेखावाटी की पहली महिला ब्लोग्गर : डॉ.मोनिका शर्मा

पिछली पोस्ट में मैंने आपका परिचय शेखावाटी के हिन्दी बलोगरो से संक्षिप्त रूप में करवाया था | इस बार मै आपको डॉ. मोनिका शर्मा जी से मिलवाता हूँ |

मोनिका जी सीकर जिले के गाँव जानकीपुरा की रहने वाली है | हमारा गृह जिला झुंझुनू इनकी ससुराल है | लेकिन अब इनके पति महोदय की सेवा कनाडा में होने की वजह से आजकल कनाडा में रहती है| प्रारम्भिक शिक्षा पुश्तैनी गाँव जानकीपुरा में करने के बाद इनकी पढाई भोपाल म. प्र. में हुई । वहां से अर्थशास्त्र में एम. ए. करने के बाद इन होने पत्रकारिता और जनसंचार में भी मास्टर्स डिग्री ली। उसके बाद अपना शोधकार्य राजस्थान विश्वविद्यालय , जयपुर से पूरा किया। जिसका विषय ‘हिन्दी समाचार पत्रों में प्रकाशित सामाजिक चेतनामूलक विज्ञापन’ था। कुछ समय तक निजी महाविद्यालय में बतौर लेक्चरर और जयपुर दूरदर्शन के लिए समाचार वाचक का काम भी किया।अब तक इनके कई पत्र-पत्रिकाओं ( राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, नई दुनिया, डेली न्यूज , दैनिक हरिभूमि , दैनिक नवज्योति, दिशा-दृष्टि, वुमन ऑन टॉप और अनौपचारिका आदि) में बतौर स्वतंत्र लेखक करीब 500 आलेख प्रकाशित हो चुके हैं।
इन के पिताजी कोमर्शियल पायलट के पद से कुछ समय पूर्व ही रिटायर हुए है | इनके भाई भी एक कोमर्शियल पायलट ही है | इनका परिवार उच्च पदों पर होने के बावजूद गाँव कि मिट्टी से ये लोग जुड़े हुए है | जिसकी झलक इनके ब्लॉग में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है |


ब्लोगिंग करने का कारण वे कुछ यूं बयाँ करती है "आज के दौर में अपने विचारों को साझा करने के लिए ब्लॉगिंग बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें एक तरफा संवाद नहीं होता । पाठकों की राय भी हाथों-हाथ मिल जाती है । इस तरह एक वैचारिक प्रवाह बना रहता है जो मुझे काफी सकारात्मक लगता है।"


उनके बलोग तीज तेवार के बारे में पूछने पर उंहोने बताया " तीज-तेवार राजस्थानी भाषा में है। इस ब्लॉग पर मैंने खासतौर पर राजस्थानी नेगचार, रीति-रिवाज और तीज-त्योंहारों से जुङी बातों को सहेजने की कोशिश की है। यह हमारे रीति-रिवाजों के बारे में जो चीजें मुझे पीहर-सासरे में देखने-सीखने को मिली उन्हें अंतरजाल पर सबके साथ बांटने का प्रयास है। इस ब्लॉग को बनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि आगे आने वाली पीढियां भी हमारे गीत-नात, नेगचार को जानें और इनके माध्यम से हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत से जुड़ाव रखे।"

अपनी सफलता का सारा श्रेय वे अपने माता पिता को देते हुए कहती है "मेरे माता पिता मेरे लिए शक्ति स्तंभ रहे हैं. माँ एक गृहणी हैं और ज़्यादातर समय गाँव में ही रही हैं पर उन्हों ने हमेशा चाहा की मैं अपनी पढाई जारी रखूं . इसी तरह पापा ने भी हमेशा उत्साहवर्धन किया और आगे बढ़ने की हिम्मत दी है |"

भविष्य के बारे में उनका नजरिया " मेरा मानना है- आने वाले समय में हम पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक उन्नति चाहते हैं तो बच्चों का सही तरह से पालन पोषण बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्हें समय देना उन्हें समझना बेहद आवश्यक है।मेरा इस बात में पूरा विश्वास है कि माँ होने से बढकर जिम्मेदारी दूसरी कोई नहीं हो सकती। यही वजह है कि फिलहाल मैं अपना पूरा समय अपने बेटे चैतन्य की बेहतर परवरिश में लगाना चाहती हूं। जितना समय मिलता है उसमें अच्छा पढने लिखने की कोशिश जरूर करती हूं"

मोनिका जी के ब्लॉग :
परवाज ....शब्दों के पंख
तीज तेवार
चैतन्य का कोना

Saturday, October 16, 2010

शेखावाटी से जुड़े हुए हिन्दी ब्लोगर (परिचय )

शेखावाटी का सीधी भाषा में अर्थ है राजस्थान राज्य के तीन जिले झुंझुनू ,सीकर और चुरू | इन जिलों में अनेक हिन्दी ब्लोगर है | कुछ को मै ढूंढ पाया कुछ को शायद नहीं | कई बार कुछ लेखक ब्लॉग बनाकर छोड़ देते है उस पर कुछ लिखते ही नहीं है मैने उन्हें शामिल नहीं किया है | इस पोस्ट में उन लोगो को शामिल किया गया है जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े हुए है |

सबसे पहला नाम है संजय बेगानी जी का ,ये किसी परिचय के मोहताज नहीं है हिन्दी बलोग जगत में जाना पहचाना नाम है | लेकिन लोग इन्हें अहमदाबाद के निवासी के रूप में ही जानते है | इनका मूल गाँव बीदासर के पास में है | जो की चुरू जिले में आता है | लेकिन अब ये अहमदाबाद में रहते है और अपनी मीडिया कंपनी चलाते है | इनका वेब पेज जोग लिखी: संजय बेगानी का ब्लॉग है | और तरकस डोट कोम को तो आप सभी जानते ही है | इनके भाई भी हिन्दी ब्लॉग लेखक है |

दूसरा बड़ा नाम है ताऊ रामपुरिया का ये भी हमारे नजदीकी जिले सीकर के कस्बा पाटन के पास के ही रहने वाले है | ये बहुत ही ज्ञानी है इस लिए इन्होने अपना असली नाम गुप्त रख कर ताऊ ही रख लिया है | आजकल इन्होने अपनी कर्म स्थली इंदौर (म.प्र. ) को बना रखी है | इनके वेब पेज का नाम रामपुरिया का हरियाणवी ताऊ नामा है | वाकई हिन्दी बलोग जगत में ताऊ के जैसी इमेज भी है इनकी | इनकी भाषा शैली हरियाणवी मिश्रित है जो बहुत मजेदार लगती है |

तीसरा बड़ा नाम है रतन सिंह शेखावत का इनका गाँव है भगत पूरा जो की सीकर जिले में है | काम काज के सिल सिले में ये फरीदा बाद में रहते है | इनके ब्लॉग भगतपुरा गाँव के बारे ,ज्ञान दर्पण ,राजपूत वर्ल्ड ,तन सिंह जी (बाड़मेर ) आदि है | ये तकनीक के महारथी भी है अगर किसी को अपनी वेबसाईट बनवाना हो या डोमेन नेम लेना हो तो इनसे संपर्क किया जा सकता है |

चौथा एक बड़ा नाम है डॉ. मिहिर धाबाई का ,ये सीकर शहर में रहते है | यंहा इनका निजी क्लिनिक है | इनके ब्लॉग दो है एक है तत्वचर्चा दूसरा है स्वास्थ्य चर्चा ,इसमे त्वचा सम्बन्धी लेख लिखते है | तत्व चर्चा में ताजा सामाजिक घटनाओं पर चर्चा करते है |

पांचवा बड़ा नाम है, हरी राम जी का ये भी सीकर के रहने वाले है लेकिन आजकल दक्षिण भारत में रोजी रोटी के कारण रहते है | ये हिन्दी को कंप्यूटर पर बढ़ावा देने में बहुत ही अग्रणी रहे है | हिन्दी प्रेम इनके रग रग में बसा हुआ है पुराने स्थापित ब्लोगर इन्हें बखूबी पहचानते है | आजकल काम काज की व्यस्तता के चलते ये निष्क्रिय है | लेकिन जो इन्होने लिखा है वो हम जैसे नए बलोगरो का मार्ग दर्शन कर रहा है | इनका ब्लॉग है प्रगत भारत |

बाकी सब छोटे मोटे ब्लोगर है , मेरे जैसे जिनमे हमारे दोस्त सुरेन्द्रजी भाम्बू जिनको हमने बलोगिंग का ऐसा शौक लगाया की लगातार पोस्ट पेलते रहते है | इनका ब्लॉग इनके गाँव मालीगांव के नाम पर बनाया गया है | इनकी कर्म स्थली बगड़ यानी की हमारा कस्बा ही है | यहां पर इनकी कम्प्यूटर आर्टस एंड फोटोग्राफी की दूकान है |

झुंझुनू जिले के बिसाऊ कस्बे के रहने वाले बलोगर भाई मुकेश मीणा ने बहुत अच्छा ब्लॉग बना रखा है | इनका ब्लॉग जनताकी आवाज नाम से है | इनसे अभी ज्यादा परिचय नहीं हुआ है |

अब बात करते है एक एसे बलोगर की जो आजकल निष्क्रिय है | ये है राजेश चौधरी ये झुंझुनू जिले से है गाँव का पता नहीं चला है | इनका ब्लॉग है उदयमान भारत | जिसमें इन होने जीनोलोजी के बारे में लिखा है |

एक ब्लोगर है विनोद कुमार शिवरायण जिनका ब्लॉग उनके नाम पर शिवरायण कुमार विनोद ही है | लेकिन आजकल निष्क्रिय है |

एक और बलोगर है उम्मेद जी जिनका ब्लॉग अभिव्यक्ति के नाम से है | ये चुरू के रहने वाले है | पेशे से कोलेज लेक्चरार है | इनका ब्लॉग बहुत सुंदर चित्रों व जानकारियों से भरपूर है | ये सभी प्रकार की पोस्ट लिखते है जिनमे राजस्थानी कविताएं भी शामिल है |

अपडेट -बाद में कुछ साथी बलोगरो ने निम्न नाम और भी सुझाए है |
इनमे एक नाम है भास्कर भारद्वाज जी का ये जयपुर में रहते है | एक इंटरनेशनल इवेन्ट कंपनी में काम करते है |ये रामगढ़ (शेखावाटी )के रहने वाले है | इनका ब्लॉग है भास्कर टाईम्स जिसमे ये विभिन्न प्रकार के तकनीकी लेख लिखते है |

एक नाम है दूला राम जी सहारण का ये पेशे से वकील है | चुरू के रहने वाले है | इनका बलोग है इन दिनों ... इसमें ये आजकल के हालात पर लिखते है | दूसरे और भी बहुत से बलोग बना रखे है |

फ़तेह पुर शेखावाटी के रहने वाले श्री अंकित जी बूबना ने बहुत सुन्दर बलोग बना रखा है | इस ब्लॉग की सुन्दरता की जितनी तारीफ़ की जाए उतना कम है | इस बलोग का नाम है फतेहपुर शेखावाटी रो बलोग |

इसी कड़ी में बाद में अपडेट प्राप्त हुए है जिसमे एक ब्लॉग है बहती धारा इस ब्लॉग के लेखक है संदीप कुमार मील | ये दिल्ली विश्वविद्यालय से पढाई कर रहे है ये नवलगढ के पास के रहनेवाले है |

महिला ब्लोगर ,डॉ.मोनिका जी है जिनका ब्लॉग परवाज ....शब्दों के पंख है | अगली पोस्ट में मोनिका जी बारे में विस्तार से लिखूंगा

और अंत में हम अपने बारे में क्या कहे आप जब यंहा तक आ ही गए है तो हमारे बारे में भी जान ही जायेंगे |

अपडेट
-हमारे कुछ खास बलोग्गर भी इस लिस्ट में जुडने से रह गए थे | इनका नाम है डॉ.जीतेन्दर ( जीतू) बगडिया | ये अभी जयपुर से मेडीकल की पढाई कर रहे है | इनके ब्लॉग का नाम एक कदम दूसरों के लिये है |ये भी सीकर जिले के रहने वाले है |

श्री विश्वनाथ जी सैनी  नवलगढ़ के पास झाझड गांव के रहने वाले है | ये गाँव झुंझुनू जिले में आता है | सैनी जी राजस्थान पत्रिका के चुरू कार्यालय में कार्यरत है | इनके बलोग का नाम है खबरो का अड्डा   इस बलोग में स्थानीय खबरों का विस्तार से प्रकाशन किया जाता है |
(आप सब पाठक मित्रो से अनुरोध है अगर आप किसी भी अन्य ब्लोगर को जानते है जो राजस्थान के झुंझुनू सीकर और चुरू जिले से जुडा हुआ है तो हमें भूल सुधार हेतु जरूर बताये )

राजनैतिक दल एवं क्षत्रिय
पहेली से परेशान राजा और बुद्धिमान ताऊ
माली गाँव :मन मोहक नजारा गणेशोत्सव की झांकी का

Monday, September 20, 2010

कुछ यादे गांधीजी के समय की -बाबू के जी महेश्वरी Memory with Bapu -K.G.Maheshwari

बाबू के. जी. महेश्वरी 




जिस व्यक्ति ने जिन्दगी भर औरो पर फ्लैश चमकाई आज जब खुद पर विज्ञान भवन में फ्लैश चमक रही है तो उन्हें कैसा महसूस हो रहा है यह तो 88 वर्षीय बाबू के. जी. माहेश्वरी ही बता सकते है | हमेशा ही कुछ नया करने का जुनून उनमे ऊर्जा भरता रहा है | वे तीन अन्य फोटो जर्नलिस्ट के साथ थे | जिनमें प्रथम महिला फोटो जर्नलिस्ट होमी व्यरावाला ,बेनु सेन ,और एस पॉल भी थे | इन चारो को उप राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था | ( इस बारे में मैने पिछली पोस्ट में बताया भी था )

अम्बिका सोनी ,उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ,बाबू के जी महेश्वरी  




लेकिन जब पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया तब प्रचार से दूर रहने वाले बाबू के जी माहेश्वरी को अपने अतीत के कुछ पन्ने खोलने पड़े | वे अपने बीत हुए समय में झांकते हुए बताते है की " मुझे जिन्दगी भर कैमरे के पीछे से हमेशा ही कुछ नया दिखाई दिया है |1945 की एक शाम मै बापू के आश्रम में प्रार्थना के समय शामिल हुआ | उस प्रेरणादायक क्षण में ,मैंने महात्मा गांधी के मुस्कुराते हुए चेहरे का एक फोटोग्राफ लिया | उस समय मै 22 साल का था और मैंने फोटोग्राफी में डेवलपिंग का काम सीखा ही था | उसी शाम मैंने उस फोटो को तैयार किया | गांधीजी को दिखाने की उत्सुकता लिए दुसरे ही दिन उस चित्र को गांधीजी को दिखाया और उनसे उस चित्र पर हस्ताक्षर (ओटो ग्राफ ) करने हेतु क़हा | गांधीजी ने मुस्कुराते हुए मुझसे क़हा " मै बनिए का बेटा हूँ बगैर लिए कुछ देना मेरे लिए सही नहीं है इसलिए पहले तुम जाओ और हरिजनों की सेवा करो "


शायद आप यंहा भी जाना पसंद करेंगे
ज्ञान दर्पण 
राजपूत वर्ल्ड 
बगड टाईम्स ( यह अभी शैशव अवस्था में है )

Thursday, June 24, 2010

बहुत काम की है ये रेगिस्तानी छिपकली -गोह

रेगिस्तान में विभिन्न तरह के जीव जंतु पाए जाते है | जिसमें छिपकली वर्ग में एक बड़ी छिपकली जो जहरीली भी होती है इसे गोह कहा जाता है पायी जाती है | इसको स्थानीय भाषा में कई नामों से पुकारा जाता है , जैसे घेरा ,घ्योरा ,गोह ,गोयरो आदि |

यह ज्यादातर ठंडी जगह में पाया जाता है | जैसे खेजडी  के पेड़ में या नम भूमी में बिल बना कर | सांप अपना बिल नहीं बनाता है लेकिन इसके पंजे होते है जिनसे यह अपना बिल बना भी लेता है | यह कीट मकोड़े को खाकर पेट भरता है |
यह चित्र गूगल से लिया गया है किसी को  कोइ आपत्ति हो तो बताये हटा दिया जाएगा 
इसकी दो ख़ासियत है जो मै आपको बताता हूँ पहली है इसकी मजबूत पकड | यह अगर अपने पंजे से किसी चीज को पकड ले तो एक साथ दो आदमी भी मिलकर छुडाना चाहे तो नहीं छुडा सकते है | इस की इसी ख़ासियत की वजह से इसे पुराने समय में युद्ध के समय दुश्मन के किले पर ऊँची दीवार पर चढ़ने में इसे काम में लेते थे  | इसकी कमर पर एक मजबूत रस्सी बांध दी जाती थी | फिर इसे दीवार पर छोड़ दिया जाता था | जब यह दीवार के शीर्ष पर पहुच जाता था तब उसी रस्सी के सहारे सैनिक  चढ़ जाते थे |  इस प्रकार का एक दृश्य वीर शिवाजी फिल्म में भी दिखाया गया है |

दूसरी ख़ासियत है इसकी मजबूत शारीरिक संरचना इससे यह प्रतिकूल परिस्थितियों में भी ज़िंदा रह  सकता है | इसकी चमड़ी भी बहुत मजबूत होती है | जिससे राजस्थान  की घुमंतू  जाती (कालबेलिया,बिन्जारा , भील ,बावरिया ) के लोग इसकी चमड़ी से जुतिया बनवाते है | जो बहुत ही टिकाऊ होती है | एक मिथक भी है की बरसात  के दिनों में इसके ऊपर  बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है |  लोग इसे जूती बनाने के   लिए नहीं मारे, इसलिए शायद कहा गया होगा | इसमें कितनी सच्चाई है यह तो विशेषज्ञ ही बता सकते है |


काली पहाड़ी ग्राम में जमुवाय माता के मन्दिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
वो बूढी जाटणी दादी
प्रिय दोस्त लक्ष्मी कंहा हो तुम ?

Saturday, May 29, 2010

चिड़ावा - शेखावाटी का वो कस्बा जंहा सुअर पालन असम्भव है

चिड़ावा  - शेखावाटी में बहुत से  कस्बे है |  उनमे  चिडावा कस्बा भी प्रसिद्ध  है | चिडावा कस्बा जिला मुख्यालय  झुंझुनू से 30 किमी तथा राजधानी जयपुर से २२० किमी पिलानी से १५ किमी दूरी पर स्थित है | यह  कस्बा सेठ साहुकारो का रहा है | यह कस्बा बहुत सी बातो के लिए प्रसिद्ध रहा है |
चिडावा कस्बे में जिधर भी आप हलवाई की दूकान देखेंगे एक बोर्ड जरूर लगा हुआ होगा " लालचंद के मशहूर पेड़े यहाँ मिलते है " | यह लाल चंद कौन था यह तो मै भी  नहीं जानता ,लेकिन उसके बनाए हुए पेड़े बहुत प्रसिद्ध हुए है और उसके नाम का फायदा सभी  मिठाई विक्रेता उठाना चाहते  है |
इस कस्बे में आप कहीं भी सूअर नहीं देख सकते है क्यों की यहां सूअर पालन असम्भव है | यहां  के प्रसिद्ध संत बाबा गणेश नारायण जी  (बावलिया  पंडित जी )  ने किसी समय यह कहा था की यहां कोइ भी सूअर ज़िंदा नहीं रह पायेगा यानी की कोइ भी सूअर पालन नहीं कर पायेगा | इस लिए अब यह कस्बा सुअर मुक्त है | बहुत से लोगो ने पालने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए | अगली पोस्ट मै गणेश नारायण जी  के बारे में ही लिख रहा हू | 
यह कस्बा डालमिया घराने का पुश्तैनी गाँव भी है  |

Friday, May 21, 2010

परीक्षा परिणाम देखने के लिए भारत की नंबर वन साइट

फोटो को स्पष्ट व बड़ा देखने के लिए इस पर क्लिक  करे
आजकल पढ़ने वाले बच्चो के परिक्षा परीणाम आने शुरू हो गए है | जब भी कोइ परीणाम देखना होता है तो या तो उस सम्बन्धित साईट का यु आर एल याद करना पड़ता है | या गूगल की मदद लेनी पड़ती है तब कही जाके हमें परीणाम का लिंक मिलता है | आज मै आपको इस वेब साईट (www.indiaresults.com)   के बारे में बता रहा हूँ यह साईट भारत भर  के सभी परिक्षा परीणाम देती है | सभी क्षेत्र इसमे शामिल है शिक्षा   ,एवं भर्ती इत्यादी | आप इसमे परीणाम ढूँढने  के लिए राज्यवार या श्रेणी वार चुन सकते है | इसका सर्वर भी अच्छी गती से काम करता है |  जब भी आपको परिक्षा परीणाम जानना हो तो आप इस पर सबसे पहले देखे | आप मेरे लिखे हुए को स्वयं समझ जायेंगे |

Wednesday, May 19, 2010

मेरा नया नोकिया फोन और उबंटू ( लिनक्स )

नोकिया २७३० क्लासिक 
मै बहुत दिनों से अपने चाईनीज फोन (h-boss 918) के साथ चिपका हुआ था  | जिसका कारण उसका दो सिम को सपोर्ट करना व सभी  मल्टी मीडिया फंक्सन  का उन्नत होना था हां एक दो कमिया भी थी जिसमे उसका सौफ्टवेअर व ड्राइवर  का न मिलना भी था | इसके द्वारा शूट किया गया विडियो भी आप लोगो के साथ शेयर नहीं कर पाता था | कन्नू भाई कि यह मोबाइल वाली पोस्ट पढकर मैने भी नोकिया 2730 क्लासिक ले लिया |
नोकिया के फोन बहुत अच्छे आते है लेकिन  वो अपने साफ्टवेयर नोकिया पी सी सूट के साथ ही काम करते है | इसकी विशेषताओं के बारे में मै यहां ज्यादा नहीं लिखूंगा क्यों कि यह आप कन्नू भाई की पोस्ट में पढ़ सकते है |  जितना कन्नू भाई ने इसकी नेट की स्पीड के बारे   में बताया उतना दम मुझे तो नजर नहीं आया | जितनी स्पीड आम दूसरे नोकिया फोनों में मिलती है इसकी भी उतनी ही है | यह ३जी सपोर्ट करने वाले फोनों में सबसे सस्ता फोन है | लेकिन इसकी सुविधा हमारे यंहा (बगड़  में ) शुरू होने में शायद 5या 10 साल लगेंगे | बी एस एन एल का काम वैसे भी धीमा चलता है |  साधारण सिम के साथ यह बहुत अच्छी स्पीड कैसे देता है यह जानकारी खोजने का काम मेरे यंहा चालू है आपको पता हो तो जरूर बताए |
रतन सिंह जी ने इस पोस्ट में लिखा की आप उबंटू का प्रयोग नेट की स्पीड के लिए आजमा सकते है | मैंने भी आजमाने का निश्चय किया | अपने नोकिया फोन को उनके बताये अनुसार उबंटू में कनेक्ट किया | कनेक्ट करना बच्चो के खेल जैसा है बहुत ही  आसान है |  ना किसी ड्राइवर की आवश्यकता है ना किसी सोफ्टवेयर की लेकिन इंटरनेट की गती वंहा भी उतनी ही मिली कोइ विशेष फायदा नहीं हुआ | 
इंटरनेट की स्पीड के बारे में मैंने एयर  टेल और रिलायंस जी एस एम् के बीच तुलना की, तो पाया की रिलायंस जी एस एम् की स्पीड जितनी वो लोग बताते है उतनी ही मिलती है यानी की 156 के बी पी एस की लेकिन एयरटेल के मुकाबले में महंगा भी है 2 रू./एम् बी है | अगर आप 1100 के बी डाटा काम में ले लेते  है तो चार रूपये  कट जायेंगे | जबकि एयर टेल में 30पैसा /50के बी है | एयर टेल का  डाटा प्लान  यंहा राजस्थान में बहुत अच्छा है | 19 रूपये में 200 एम् बी तीन दिन के लिए वैधता | 98 रूपये 2 जी बी एक महीने की वैधता | 395 रूपये अन लिमिटेड  एक महीने के लिए जबकि   रिलायंस जी एस एम् में डाटा प्लान नहीं मिलता है | 

Saturday, April 10, 2010

रेलवे टिकट का उपयोग पशुओ के लिए

लालू यादव, रेल्वे, चारा और  पशु | आप कहेंगे की इनमे क्या सम्बन्ध है | लालू यादव और चारे का तो मुझे पता नहीं लेकिन रेल्वे टिकट और  पशुओ का सम्बन्ध मुझे पता है | और आज मै आपको यही बताऊंगा |
हमारे यहाँ शेखावाटी में रेल्वे के पुरानी टिकट जो पीले रंग के मोटे कागज़ की बनी  होती थी  ,उसका उपयोग ग्रामीण  इलाको में नीम हकीम  बहुतायत से करते है |
पशुओ में डिलेवरी के बाद उसके गर्भाशय की सफाई के लिए इसका उपयोग पुराने समय से  किया जा रहा  है | वैसे तो आंवल (placenta) जिसे लोकल भाषा में जेर  क़हा जाता है ,प्राकृतिक रूप से बाहर आ जाती है लेकिन कई बार यह बाहर नहीं आती और एक दो दिन बाद पशु के पेट में इन्फेक्शन हो जाने से उसकी मोत तक हो जाती है |
इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे टिकट  को  पानी में उबाल कर उस पानी को पशु को पिला दिया जाता है | फल स्वरूप उस पशु का जेर  ( placenta) बहार आ जाता है | क्यों है ना आश्चर्यजनक उपयोग | अगली बार जब आप कही ग्रामीण इलाके के स्टेशन पर जाओ तो उस टिकट को फेकना नहीं |

Sunday, February 21, 2010

फ्री में किताबे यहाँ से प्राप्त करे | Get free books here

शीर्षक पढ़ कर चोकिये मत | आज मै आपको फ्री बुक मिलने का पता बता रहा हूँ | आप इस साइट पर जाकर अपनी मन पसंद बुक कैटेगिरी के हिसाब से छांट कर डाऊनलोड कर सकते है | यहाँ बहुत सी पुस्तकों व पत्रिकाओ के डाऊनलोड लिंक दिए गए है | यहाँ आप सर्च करके भी ढूँढ सकते है | मैंने भी फोटो शॉप से सम्बन्धित कुछ पुस्तके डाऊनलोड की है आप भी डाऊनलोड करे व मुझे भी बताए कि आपको यह साईट कैसी लगी |http://www.ebook3000.com
+++ सुशील कुमार छौक्कर जी ने इस पोस्ट को आगे ले जाने पर मजबूर कर दिया | वैसे भी हम कोई साहित्यकार है नही थोड़ी बहुत सर्फिंग करते वक्त कोई अच्छी चीज नजर आये तो आप लोगो के साथ बांटना पसंद करते है | हमारे यहाँ ज्ञान और खाना दोनों को बांटना अच्छा समझा जाता है | कहावत भी है बाँट के खाना बैकुंठ जाना  | अगर आप हिन्दी पत्रिका पढ़ने के लिए पूछ रहे है तो आप यहाँ जा सकते है |  http://www.abhivyakti-hindi.org/
            http://www.hindinest.com/  
अगर  आप साहित्यक पुस्तके पढना और डाऊनलोड करना चाहते है तो आप यहाँ जाए |
http://www.ildc.gov.in/hindi/hdlbooks.htm  यहाँ आप हिन्दी के सोफ्टवेयर की फ्री सी डी भी ओन लाइन फ़ार्म भर कर मंगवा सकते है |
http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/welcome.html
http://hindiebooks.googlepages.com/

 और भी जगह है आप गूगल सर्च में भी ढूँढ सकते है | रतन सिंह जी की बात पर भी गौर करना पड़ेगा |

Saturday, March 7, 2009

शेखावाटी कि पहली हिन्दी वेब साइट

माई झुन्झुनुं डॉट कोम नाम कि यह वेब साइट जिले कि पहली हिन्दी वेब साइट है यह साइट गैर व्यापारिक उद्देश्यों के लिये निर्मित कि गयी है । इसका सम्पूर्ण श्रेय श्री डी.एन.तुलस्यान जी को है । यह साइट अपने आप मे सम्पूर्णता लिये हुये है । यह झुन्झुनूं के ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक जानकारियों का बोध कराती है । इसके मेनूबार मे तीन लिंक दिये है पहला व्यक्तित्व के बारे मे है जिसमे झुन्झुनूं जिले के विशिष्ट व्यक्तित्व वाले लोगो के बारे मे जानकारी दी गयी है दूसरा लिंक वास्तु का है जिसमें पुरानी वास्तु कला के बारे मे बताया गया है । तीसरा लिंक रीतिरीवाज का है जिसके चार भाग है विवाह सामग्री,लोक रंग, नीति वचन और प्रमुख त्योहार आदि चार भाग बनाये गये है ।
जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों के बारे मे जानकारी दी गयी है । इसमे आप जिले भर के प्रमुख समाचार,व ताजा घटना क्रम को पढ़ सकते है । शेखावाटी को नजदीक से जानने का एक यही जरिया है इस वेब साइट को शेखावाटी का दर्पण कहा जाये तो कोइ अतिशयोक्ति नही होगी यानी गागर में सागर है ।
तो देर ना करे एक नजर जरूर मारे । अरे हा खूबिया गिनाते गिनाते मै आपको इसकि कुछ त्रुटिया बताना तो भूल ही गया । पहली गलती तो यह है कि इस वेब पेज के फ़ोन्ट आपको डाउन लोड करने पडेगे क्यों कि जब यह साइट बनायी गयी थी तब शायद एक्स पी के डिफ़ोल्ट हिन्दी यूनीकोड फ़ोन्ट का चलन नही रहा होगा । दूसरी कमि यह है कि अब जो परिवर्तन किये गये है वह भी पी डी एफ़ फ़ाइल मे किये होने कि वजह से वही लोग देख सकते है जिनके पास एक्रोबेट रीडर या फ़ोक्सिट रीडर हो । वैसे इस ओर मैने साइट के स्वामी को अवगत करा दिया है जिससे निकट भविष्य मे सुधार दिया जायेगा ।