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Tuesday, July 19, 2011

बंजारे का मोबाईल और संगीत (shedule post)

रोजाना कि भागदौड में कभी कभी आपको दूसरों कि जिंदगी में टाक झाँक का  भी अवसर मिल जाता है | कुछ लोग उन बातो को दूसरों के साथ साझा कर लेते है कुछ लोग अपने मन में ही रख लेते है | एक दिन एक बंजारा मेरी दूकान पर आया और अपने फोन को चार्जिंग में लगाने की मिन्नत की मैंने भी उसका सहयोग किया जो कि मेरा हमेशा ही नियम रहा है दूकान पर कोइ भी आये सभी की सहायता करता हूँ | वो भाई थोड़ी देर में आने का कह कर निकल गया और मै लग गया उसके मोबाईल से डाटा चोरी करने में अब चोरी की है तो माल आपको भी दिखा दू  उसके मोबाईल में क्या था ,वैसे तो कुछ खास नहीं था लेकिन आपके और मेरे काम का तो संगीत ही है वो आप भी सुन लीजिए |

Monday, March 7, 2011

फागुन के रंग राजस्थानी धमाल के संग

पाठक मित्रों इस बार बेमौसम की बरसात ने फाल्गुन का मजा कुछ कम कर दिया है | अब कुछ कुछ रंग शेखावाटी में दिखाई दे रहा है | तो आपका मन भी राजस्थानी धमाल सुनने को मचलने लगा होगा  | तो आइये धमाल का मजा ले |

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कुछ ओर भी है






Wednesday, October 13, 2010

गर्व ,गरबा और गुजरात ( एक झलक संगीत की )

गर्व और गौरव से भरपूर है, गुजरात की धरती | इस धरती को अगर नजदीक से जानना है तो आपको इसके पास जाना पडेगा | गुजराती समाज की विशेषताए इतनी है कि मै अपने शब्दों में शायद बयान नहीं कर पाऊंगा | मै ने इस की सस्कृति को , समाज को गुजरात में कुछ समय रहकर ही नजदीक से जाना है |

मै १० साल तक गुजरात के सूरत शहर में रहा था | वंहा इन गुजराती भईयो से इतना घुलमिल गया था कि मुझे राजस्थान व गुजरात में ज्यादा फर्क ही नहीं लगता था | गुजरात में नवरात्र से ही त्योहारों का उत्साह देखते ही बनता है | जवान लड़के लडकिया नवरात्रो से पहले ही अपनी रंग बिरगी पोशाको को तैयार कर लेते है | गरबा और डांडिया कि कोचिंग क्लास में जाना शुरू कर देते है |

सारा वातावरण गरबामय हो जाता है | जगह जगह गलियों में सोसाईटी में गरबा का आयोजन किया जाता है | बीच में मा दुर्गा की एक बड़ी सी फोटो या मूर्ती रखी जाती है | और नृत्य करने वाले उसके चारो और घेरा बनाकर नृत्य करते है बीच में एक गाने वाला और एक ढोल बजाने वाला बैठता है | बहुत सुंदर दृश्य होता है |

अब मै चाहता हूँ कि आपको भी ज्यादा बोर न किया जाए और गरबा के गीत सुनाये जाए | ये गीत गरबा की तीन कैसेट से लिये गए है | जिनके नाम है टहूको, चुन्दडी और खेलैया | तीनो कैसेट में सभी गीत एक से बढ़ कर एक है | मुझे आपको सुनवाने हेतु इसमे से गीत छंटने में भी बहुत परेशानी आयी, किसे रखू और किसे छोडू |



माली गाँव :मन मोहक नजारा गणेशोत्सव की झांकी का
एक वीर जिसने दो बार वीर गति प्राप्त की
राजस्थान के लोक देवता
बगड टाईम्स : बगड गाँव का ब्लॉग