अपने जीवन पर भाग्य या किस्मत का प्रभाव सभी मानते हैं। कहते हैं कर्म से ही भाग्य बनता है लेकिन कई बार पूरी मेहनत से अच्छे कार्य करने के बाद भी संतोषजनक फल प्राप्त नहीं होता। ऐसे में यही बात सामने आती है कि हमारे भाग्य में यह परिणाम ही निर्धारित किया गया होगा। जन्म कुंडली ( horoscope )के अनुसार कड़ी मेहनत के बाद भाग्य की कितनी मदद मिलेगी यह भी मालूम किया जा सकता है।
- - ज्योतिष में जन्म कुण्डली (horoscope) का नवम भाव भाग्य का होता है। यह स्थान यदि दूषित अथवा अशुभ फल देने वाला हो तो व्यक्ति सदैव भाग्यहीन रहता है।
- - यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में भाग्य के नवम स्थान पर यदि चंद्र हो या उसकी दृष्टि हो तो वह भाग्यशाली होता है।
- - यदि भाग्य का स्थान नवम भाव में राहु, मंगल, शनि यदि शत्रु राशि युक्त या नीच के हो तो व्यक्ति भाग्यहीनता से परेशान हो जाता है। उसे छोटे-छोटे कार्यों में भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- - सूर्य, शुक्र, बुध भाग्य स्थान पर सौभाग्यवती नारी दिलाते हैं। जो व्यक्ति के भाग्य को उच्च शिखर तक ले जाती है।
- - भाग्य स्थान पर गुरु मान-सम्मान और वैभव दिलाता है। ऐसे व्यक्ति को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है और वह कई सफलताएं प्राप्त करता है।
- - भाग्य स्थान पर केतु सामान्य फल देने वाला होता है।
(उपरोक्त लेख भास्कर समाचार पत्र से लिया गया है )

वाह!
ReplyDeleteआप भी
प्रणाम
लाल किताब के हिसाब से मेरी जन्मकुण्डली की गणना करने पर मेरा पुत्र मुझसे उत्पन्न नहीं होगा।
ReplyDeleteलेकिन मेरी पत्नी से तो मुझे पुत्र प्राप्ति हो गई है।
अब क्या करुं ? क्या अन्जू पर शक करुं कि वो बेवफा है और उसे छोड दूं :) हा-हा-हा
प्रणाम
ओ बाऊजी भाग्यहीन किसे कहते हैं? ये तो बताईये
ReplyDeleteभाग्य तो सबका होता है ना, अच्छा या बुरा
नरेश सिह राठौड़ जी मै इन सब बातो को नही मानता, लेकिन इन से इंकार भी नही करता क्योकि मुझे इन सब के बारे कुछ पता नही, लेकिन एक बात समझ मै नही आती कि सब से ज्याद दुखी लोग भारत, ओर अफ़रीकन देशो मे ही क्यो हे, पाकिस्तान ओर अफ़गानिस्तान की बात अलग हे, बाकी युरोप ओर अमेरिका मे इतने दुखी लोग क्यो नही, वहां कम से कम लोगो को भरपेट खाना तो मिल जाता हे, भारत ओर अफ़्रिका मे तो लोगो को एक समय का खाना भी नसीब नही होता ऎसे बदनसीब लोग भी हे तो क्या सब भागय हीन इन्ही देशो मे पेदा हुये हे? जी नही हमारे यहां लोग इन बातो को ज्यादा मानते हे, ओर खुद ही भाग्या का रोना रोते हे, जब कि उन की मेहनत पर दुसरे ऎश करते हे.
ReplyDeleteअगर मै किसी काम ने असफ़ल रहता हुं तो दुसरी तीसरी बार कर्म करने पर जरुर सफ़ल हो जाऊंगा, बस भाग्या को छोड कर कर्म पर जोर देना होगा, ना कि किसी मंदिर मे जा कर पुजा पाठ करनी होगी.यह मेरा विचार हे पता नही ठीक हे या गलत
भाग्य तो सबका होता है ना, अच्छा या बुरा ...SATYA VACHAN
ReplyDeleteपंडित जी जरा हमारा भाग्य भी बाँच दीजिए......पता तो चले कि हमरे भाग्य में का लिखा है. फीस की चिन्ता मत कीजिएगा.भाग खुलने के बाद चुका देंगें :)
ReplyDeleteबताईये अपनी जन्मपत्री भेजे का ?
मेरे भागय स्थान मे तो कोई ग्रह नही है। मिथुन राशी है नवम भाव की और बुध दूसरे घर मे सूर्य के साथ विराजमान है। शुक्र लग्नेश की भागय स्थान पर दृशःटी है। वो तीसरे घर धन मे है। अब बतायें कैसा है। तो आप ज्योतिश भी जानते हैं बहुत खुशी हुयी। बधाई।
ReplyDeleteआदरणीय नरेश जी
ReplyDeleteसादर प्रणाम
आप ज्योतिष भी जानते हैं ...जरा मेरा भाग्य भी बताना .....शुक्रिया
बैसे थोड़ी बहुत जानकारी मैं भी रखता हूँ ...आगे कि शिक्षा आपसे ग्रहण करूँगा ....आदरणीय गुरु जी
ReplyDeleteअच्छी पोस्ट , शुभकामनाएं । पढ़िए "खबरों की दुनियाँ"
ReplyDeleteक्या करेंगे भाग्य के बारे में जान कर ? कर्म करते रहिये,जो भी होगा अच्छा ही होगा.
ReplyDeleteअबकी बार बगड़ आयेंगे तो कुंडली साथ लायेंगे :):)
ReplyDeletemy birth date and time is 08-oct-1977 , 02:15 pm
ReplyDeleteMai apna bhavisya janna chahta hu ki mujhe govt. job kab lagegy ya mai koi business stat karu . ajkal mai computer center chala raha hu per vo kuch achha nahi chal raha he .
PLEASE HELP ME MERE DOB 19/10/1980 HAI, EK MEDIA CHANNEL ME KAAM KAR RAHA HUN, JOB KE LIYE NAYA OFFER AAYA HAI CHANGE KARUN KE NAHI SAMAJ ME NAHI AA RAHA HAI, SO PLEASE HELP ME
ReplyDeletegyatari_neeraj@yahoo.com
SABKO APNE KARMO KA FAL MILTA HAI JO ACHA KARTA HAI USE ACHA FAL MILTA HAI JO BURA USE BUARA....CHAYE TO AAP BHI EK BURA KARAM KARKE DEKH LO TO APPKE SATH BHI BURA HOGA
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