यंहा स्थानीय परम्परा के अनुसार जब भी किसी के यंहा शादी होती है तो उस घर की छत के नाले से एक नारियल को बाँध दिया जाता है | ओर जब शादी संपन्न हो जाती है तब उस नारियल को खोल दिया जता है | लेकिन जब तक नारियल बंधा हुआ रहता है तब तक बरसात नहीं आती है | अगर आ भी जाए तो केवल बूंदा बांदी हो कर रह जाती है | घनघोर बरसात नहीं आती है |
आप अनुमान लगा सकते है की हर पांच दस दिन में किसी न किसी के यंहा तो शादी होती ही रहती है | यानी जब भी किसी के यंहा शादी, तो समझिये की किसान की बर्बादी | यह टोटका काफी समय पहले केवल गिने चुने लोगो को ही पता था लेकिन आजकल ग्लोबलाईजेशन के दोर में इस का पता सभी को चल गया है परीणाम स्वरूप बरसात बेचारी को बरसने के लिए बहुत कम दिन मिलते है |
हो सकता है कुछ आधुनिक लोग जो अपने आप को ज्यादा वैज्ञानिक समझते है इस को बचकानी हरकत कह सकते है | लेकिन इसमे कुछ तो सच्चाई है | आप माने या ना माने ...|
क्या आप भी बनाना चाहते है इन्डली व ब्लोगिरी जैसा ब्लॉग एग्रीगेटर
प्रिय दोस्त लक्ष्मी कंहा हो तुम ?
राजस्थान के लोक देवता
ओहो इब ठाह पड़ी के मेह क्युं कोनी बरस रहयों
ReplyDeleteनारियळ जल्दी खुलवाओ सा।
छांत पै कोई कड़ाही उल्टी पड़ी हो तो बी नै भी सीधी करवाओ
राम राम
नरेश जी आपने बात बिल्कुल पते की कही है। यह तो वही कहावत हो हो गई ‘‘ क्यू लो खोटो क्यू लुहार ’’ या तो मानसून नहीं बनती बनती है तो ये शादी वाले लोग इसे टोने टोटकों से रोक देते है।
ReplyDeleteराज राजस्थान में छुपा हुआ है .. और पूरे भारत में लोग मानसून के न आने से परेशान हैं !!
ReplyDeleteआपकी पोस्ट पढ़कर अब शहरी लोग भी सुबह ड्यूटी पर जाने के समय छत के नाले में नारियल बाँध कर जायेंगे और ऑफिस पहुँचने के बाद फोन कर वापस खुलवा दिया करेंगे यही कार्यक्रम वे शाम को छुट्टी के वक्त करेंगे |
ReplyDeleteताकि रास्ते में बारिश से भीगने से बच जाये :)
वैसे राजस्थान में बारिश करवाने के लिए भी कई टोटके किये जाते है |
ReplyDeleteहम तो मानते हैं कि टोटके में भी कुछ न कुछ सच्चाई तो जरूर होती ही है......
ReplyDeleteतरह तरह के टोटके प्रचलित हैं क्षेत्रवार...कहीं कड़ाही पलट के रखी जाती है तो कहीं कैंची गड़ाई जाती है..उद्देश्य सबका एक कि विवाह के आयोजन को बरसात न बिगाड़े...
ReplyDeleteबरसात एक-
रोकने वाले अनेक.
बहुत ही अच्छी जानकारी दी आपने।
ReplyDeleteअजी हमारे यहां तो कभी कभी पुरा महीना ही बरसात आती रहती है, अब जल्दी से बताये नारियाल सूखा हो या हरा, ओर इसे किस जगह बंधना है. धन्यवाद
ReplyDeleteकुछ कहना कठिन होगा । बादलों को लौटा देने की विधि समझ में नहीं आयी ।
ReplyDeleteinteresting blog, i will visit ur blog very often, hope u go for this website to increase visitor.Happy Blogging!!!
ReplyDeleteohhhhhhh esa bhi hota h.......aaj pta chala .thnx is jankari k liye....
ReplyDelete