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Friday, July 2, 2010

आकाल को आमंत्रित करते है ये टोटके

जकल मानसून का मौसम है | साथ ही शादी विवाह का भी मौसम है | शादी विवाह में यदि बरसात हो जाए तो सारा मजा किर किरा हो जाता है | राजस्थानी में कहावत है की विवाह को दो ही चीजे बिगाड़ती है या तो मूंजी (कंजूस ) या मेह (बरसात )| कंजूस आदमी की कंजूसी का कोइ इलाज नहीं है| लेकिन बरसात को रोकने का उपाय हो सकता है |

             यंहा स्थानीय परम्परा के अनुसार जब भी किसी के यंहा शादी होती है तो उस घर की छत के नाले से एक नारियल को बाँध दिया जाता है | ओर जब शादी संपन्न हो जाती है तब उस नारियल को खोल दिया जता है | लेकिन जब तक नारियल बंधा हुआ रहता है तब तक बरसात नहीं आती है | अगर आ भी जाए तो केवल बूंदा बांदी हो कर रह जाती है | घनघोर बरसात नहीं आती है |

आप अनुमान लगा सकते है की हर पांच दस दिन में किसी न किसी के यंहा तो शादी होती ही रहती है | यानी जब भी किसी के यंहा शादी, तो समझिये की किसान की बर्बादी | यह टोटका काफी समय पहले केवल गिने चुने लोगो को ही पता था लेकिन आजकल ग्लोबलाईजेशन के दोर में इस का पता सभी को चल गया है परीणाम स्वरूप बरसात बेचारी को बरसने के लिए बहुत कम दिन मिलते है |

हो सकता है कुछ आधुनिक लोग जो अपने आप को ज्यादा वैज्ञानिक समझते है इस को बचकानी हरकत कह सकते है | लेकिन इसमे कुछ तो सच्चाई है | आप माने या ना माने ...|



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प्रिय दोस्त लक्ष्मी कंहा हो तुम ?
राजस्थान के लोक देवता


12 comments:

  1. ओहो इब ठाह पड़ी के मेह क्युं कोनी बरस रहयों

    नारियळ जल्दी खुलवाओ सा।

    छांत पै कोई कड़ाही उल्टी पड़ी हो तो बी नै भी सीधी करवाओ

    राम राम

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  2. नरेश जी आपने बात बिल्कुल पते की कही है। यह तो वही कहावत हो हो गई ‘‘ क्यू लो खोटो क्यू लुहार ’’ या तो मानसून नहीं बनती बनती है तो ये शादी वाले लोग इसे टोने टोटकों से रोक देते है।

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  3. राज राजस्‍थान में छुपा हुआ है .. और पूरे भारत में लोग मानसून के न आने से परेशान हैं !!

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  4. आपकी पोस्ट पढ़कर अब शहरी लोग भी सुबह ड्यूटी पर जाने के समय छत के नाले में नारियल बाँध कर जायेंगे और ऑफिस पहुँचने के बाद फोन कर वापस खुलवा दिया करेंगे यही कार्यक्रम वे शाम को छुट्टी के वक्त करेंगे |
    ताकि रास्ते में बारिश से भीगने से बच जाये :)

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  5. वैसे राजस्थान में बारिश करवाने के लिए भी कई टोटके किये जाते है |

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  6. हम तो मानते हैं कि टोटके में भी कुछ न कुछ सच्चाई तो जरूर होती ही है......

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  7. तरह तरह के टोटके प्रचलित हैं क्षेत्रवार...कहीं कड़ाही पलट के रखी जाती है तो कहीं कैंची गड़ाई जाती है..उद्देश्य सबका एक कि विवाह के आयोजन को बरसात न बिगाड़े...
    बरसात एक-
    रोकने वाले अनेक.

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  8. बहुत ही अच्छी जानकारी दी आपने।

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  9. अजी हमारे यहां तो कभी कभी पुरा महीना ही बरसात आती रहती है, अब जल्दी से बताये नारियाल सूखा हो या हरा, ओर इसे किस जगह बंधना है. धन्यवाद

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  10. कुछ कहना कठिन होगा । बादलों को लौटा देने की विधि समझ में नहीं आयी ।

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  11. interesting blog, i will visit ur blog very often, hope u go for this website to increase visitor.Happy Blogging!!!

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  12. ohhhhhhh esa bhi hota h.......aaj pta chala .thnx is jankari k liye....

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