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Tuesday, December 9, 2008

कंप्युटर के लिये कुछ देशी जुगाड - भाग 2

आपने मेरी पहली पोस्ट मे कुछ जुगाड के बारे में तो जरूर पढा ही होगा। अब जुगाडो पर दूसरी अन्य जानकारी पेश है । पिछले भाग मे संजय बेगाणी जी ने टिपयाते हुए कहा कि आप के जुगाड मे बिजली का खर्चा ज्यादा होगा । आज हम उन डिवाइसो को काम मे लेगें जिन मे बिजली का खर्च बहुत ही कम होता है । पहली डिवाइस है cd/dvd प्लेयर जो कि आजकल सभी घरो मे मिल ही जाता है । इसके पिछे माइक की पिन के लिये छिद्र होता है । इसका चित्र नीचे दिखाया गया है।


इसको जोङने के लिये जो पिन आती है उसे मिनि जैक टू माइक पिन कहा जाता है। इसका चित्र भी नीचे दिया है।



इस
पिन के द्वारा भी आप cd/dvd प्लेयर के sound out पुट फ़ंक्सन को काम मे ले सकते है रिमोट पर माइक का बटन होता है जिसे ओन कर दे और संगीत का आनन्द ले ।
दूसरी डिवाइस में टेपरिकार्डर व रेडीयो है । आधुनिक टेपरिकार्डर में इनपुट के लिये rca socket होता है । इसको जोङने के लिये भी rca to jack pin काम मे आयेगी । सबसे जटिल काम रेडियो को जोड्ने का है जिसमे थोङा ध्यान देना पङेगा सबसे पहले आप रेडियो को खोल ले । उसमे आप वोल्युम कि नोब को देखे । अन्दर कि साइड मे आपको एक कन्ट्रोल लगा हुआ दिखेगा । जिसका चित्र निचे दिखाया है ।

इसमे तीन जगह तार लगे है । अपनी केबल या कोइ भी हेड फ़ोन,इयर फ़ोन कि केबल भी काम आ जायेगी । jack side के सिरे को जो कि कंप्युटर मे जुङता है को सुरक्षित रखे और दूसरे सिरे की तरफ़ से थोङी लम्बाइ पर काट दे काट्ने पर आपको चित्र के जैसा दिखाइ देगा ।



इसमे तीन तार होते है,एक तार जिसे शील्ड वायर कहा जाता है अन्दर बगैर इन्सुलेशन कोटिगं के होता है जबकि अन्य दो तार अलग कलर कि कोटिगं के होते है । शील्ड वायर को पिन न० 1 पर जोङे व दूसरे दो तारो को मिला कर एक कर ले । ओर उनको पिन न० 2 पर जोङ दे । रेडियो को चालू करे व ट्यून इस प्रकार से करे जहा पर किसी भी स्टेशन की फ़्रीक्वेन्शी ना हो ।
अब आप आराम से इस जुगाड पर संगीत का आनन्द ले सकते है ।
special tip :- यदि आप का pc करन्ट मारता है विशेषकर जब आप नंगे पैर cpu की बोडी को छूते है तो आप एक छोटा सा एअर्थ बनाये ओर cpu की बोडी को अर्थ से कनेक्ट कर दे वह करन्ट मारना बन्द कर देगा।

5 comments:

  1. सही जानकारी..आभार!!!

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  2. अर्थिंग वाला जुगाड़ काम का लगा.

    जुगाड़ बताते रहें....

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  3. जुगाड़ अच्छे और काम के है ............और अपेक्षा है |

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  4. gajendra singh bhatiDecember 19, 2008 at 3:35 PM

    Naresh singh ji.

    Comment re vaste aapro ghano ghano aabhar. Dukaandari re sage sage blogging karno apne aap me ek bohot acharaj ar himmat ri baat hai.

    aap jeda bloggeran ri athe dilli re mayane badi taareef huve hai.

    main athe media ri padhai kar riyo hu ar me jaanu hu ke aam aadmi re mayne hi to asal veer ar keva to hero base hai.

    mhaare blog re mayane comment karne r vaste aapro ekar bhale dhinvaad.

    Gajendra Singh Bhati

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  5. कुछ पल्ले नहीं पड़ा भाई???

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