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Thursday, April 2, 2009

एक मुलाकात- आशीष जी के साथ

हिन्दी ब्लॉग जगत में कुछ ऐसे ब्लॉगर भी हैं जिन्हें हम इस हिन्दी जगत की वर्चुअल दुनिया के आधार स्तम्भ कह सकते हैं | जिस प्रकार एक मकान के लिए सीमेंट, ईंट, पत्थर आदि की जरूरत आधारभूत जरूरत कही जा सकती है, वैसे ही हिन्दी में ब्लॉगिंग के लिए तकनीकी ज्ञान भी आधार भूत जरूरत है | इसी तकनीकी ज्ञान को प्राप्त करने के लिए सभी ब्लॉगर इच्छुक रहते हैं | आज मैं आपका परिचय ऐसे ही एक तकनीकी ब्लॉगर से करवाऊंगा जिनके ब्लॉग को आप अगर हिन्दी ब्लॉगिंग का आधारभूत स्तम्भ कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी |

आपको अनुमान शायद पहले ही लग गया होगा। जी हां, आपने ठीक सोचा | मैं आशीष जी के बारे में ही बात कर रहा हूँ। उनके ब्लॉग 'हिन्दी ब्लॉग टिप्स' से तो आप वाक़िफ़ ही हैं, लेकिन आप उनके बारे में शायद कम ही जानते है । इसलिये हम आपके लिये लाये है उनसे की गयी एक संक्षिप्त बातचीत का ब्योरा --

आशीष जी आपका मेरी शेखावाटी ब्लॉग पर स्वागत है ?
जवाब - जी धन्यवाद आप का ।

सवाल- आशीष जी, थोड़ा हमारे पाठकों को अपने बारे में बतायें ?
जवाब -मेरा पूरा नाम आशीष खण्डेलवाल है | रहने वाला जयपुर का हूं । हालांकि शहरी माहौल में ही जन्मा और पला-बढ़ा हूं, लेकिन प्राथमिक शिक्षा गाँव में पूरी करने के कारण मुझे ग्रामीण परिवेश का भी थोड़ा अनुभव है । वैसे मुख्य स्कूल जो रहे वो थे राजकीय दरबार माध्यमिक विद्यालय, जयपुर एवं सुबोध स्कूल जयपुर। यहां पर मेरी काफी शरारत भरी यादें हैं |

सवाल- आशीष जी कुछ ऐसी शख़्सियत जिनसे आप का स्कूली जीवन प्रभावित हुआ है ?
जवाब- मैं खुशनसीब हूं कि मुझे मेरे गुरुओं का आशीर्वाद हर वक्त मिला। उन्हीं के मार्गदर्शन की बदौलत आज मैं खुद को सुखी इंसान मानता हूं। विशेष कर महावीर प्रसाद जी द्विवेदी और राकेश पाण्डेय जी का मैं हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा।

सवाल आशीष जी-कुछ अपने बचपन के बारे में बतायें ?
जवाब- मैं जयपुर में ही जन्मा और पला-बढ़ा हूं। माता जी शिक्षिका हैं इसलिए प्रारंभिक शिक्षा (पाँचवीं तक) भोजपुरा कलां नामक गांव में हुई। उसके बाद मैं गांव के दर्शन को तरस गया हूं।

सवाल आशीष जी,आप इस रोग (ब्लॉगिंग) से कब और कैसे जुड़े?
जवाब-सन 2004 में मैं हिन्दी चिट्ठों में रूचि लेने लग गया था पत्रकारिता से जुड़ा होने के कारण लिखने-पढ़ने का शौक था । अख़बारों के लिए काफी आलेलेख लिखता था, लेकिन वहां एक-तरफा संवाद होने के कारण पाठकों की प्रतिक्रिया का पता ही नहीं चल पाता था। ब्लॉग जगत में हाथोहाथ प्रतिक्रिया की सुविधा की वजह से 2005 से मैंने ब्लॉग पर भी लिखना चालू कर दिया |

सवाल-हमारे पाठकों को आपके वेब पेज हिन्दी स्टोर के बारे मे कुछ बताए?
जवाब- जी ज़रुर ,ऐसा है कि हिन्दी में लिखने के लिये काफी टूल्स(औजारों) की जरूरत पड़ती है । इन सब के लिये आपको अलग-अलग साइट पर जाना पड़ता है इसलिये इस वेब पेज (हिन्दी स्टोर) को बनाने का विचार मेरे दिमाग मे आया । आपको यहां सब चीजें एक ही जगह उपलब्ध हो जाती है, जैसे यूनिकोड फ़ॉन्ट कनवर्टर, हिन्दी लिपि, हिन्दी के समाचार, चुटकुले, हिन्दी चिट्ठों की ताज़ा पोस्ट आदि।

सवाल - आप किस प्रकार के लेख पढ़ना ज्यादा पसंद करते है ?
जवाब - तकनीकी लेखन ज्यादा करता हूं, इसलिए वह मेरी पहली पसंद मानी जा सकती है। इसके अलावा हिन्दी साहित्य का विद्यार्थी होने के नाते कहानी, कविता आदि से प्यार करता हूं। हंसमुख स्वभाव का होने के कारण मुझे व्यंग्य और चुटकुले भी पसंद आते हैं। राजनीतिक लेखन भी किया है, लेकिन उसमें व्यक्तिगत रूप से ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखता।

सवाल - आपको किस तरह का खाना पसंद है ?
जवाब- मैं अच्छा खाना वह मानता हूं, जिसकी महक सीधे दिल तक उतर जाए । राजस्थानी, पंजाबी, साउथ इंडियन, चाइनीज़ या कॉन्टीनेंटल सब कुछ पसंद करता हूं, लेकिन यह स्पष्ट कर देना चाहूँगा कि मैं शुद्ध शाकाहारी हूं।

सवाल - आशीष जी आप महिला ब्लॉगरों की हिन्दी ब्लॉग जगत में क्या स्थिति देखते है |
जवाब – देखिए, हिन्दी में महिला ब्लॉगरो का काफी योगदान है | इस क्षेत्र में बहुत सी महिलाओं ने उल्लेखनीय कार्य किया है | इस बारे में मैने एक पोस्ट भी लिखी है जिसमें राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित मेरे एक लेख का हवाला है |

सवाल- आशीष जी हिन्दी ब्लॉग जगत की सबसे अच्छी बात आपको क्या लगती है ?
जवाब-यहां सभी लोगों के बीच गहरी आत्मीयता है। सभी लोग एक परिवार की तरह हैं। ब्लॉग संसार की वजह से ही इंटरनेट पर हिन्दी की उपस्थिति दर्ज हुई है। अब हिन्दी साहित्य भी तेजी से इंटरनेट पर पहुंच रहा है।

सवाल - आशीष जी अब एक आखिरी सवाल आपको मेरी शेखावाटी को पढ़ कर क्या कमी नजर आती है?
जवाब- यह बहुत मुश्किल सवाल है। मुझे बस आपके ब्लॉग से बस यही शिकायत है कि यह रोज़ाना अपडेट नहीं होता ?
अच्छा आशीष जी मैं मेरी शेखावाटी के समस्त पाठकों की ओर से आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हू । आपने इस ब्लॉग के लिये अपना कीमती समय निकाला जिसके लिये आपका धन्यवाद ।

जवाब - जी शुक्रिया ।

ये थी हमारी आशीष जी से छोटी सी बातचीत अगली बार फ़िर एक हस्ती से परिचय होगा तब तक के लिये राम राम ।
आशीष जी के ब्लॉग-हिन्दी ब्लॉग टिप्स,
हिन्दी स्टोर
संपर्क -ट्विटर पर , ऑरकुट पर ,फेस बुक पर
इ मेल - com.ashish@gmail.com

19 comments:

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  2. Nice to Know About आशीष जी....
    Thanks for this...

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  3. आपने बहुत अच्छा परिचय करवाया आशीष जी का. वैसे आशीष जी कोई परिचय के मोहताज नही है पर कुछ बाते ऐसी होती हैं जो ऐसे ही साक्षात्कारों मे जानने मे आती है. बहुत आभार आपका.

    रामराम.

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  4. आशीष जी का व्यक्तित्व थोड़ा और खुला-खिला यहां । धन्यवाद ।

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  5. आशीष के बारे में हालाँकि जानते थे लेकिन इस साक्षात्कार के बाद उनके बारे में ज्यादा जानने का मौका मिला ! ब्लॉग जगत की अगली हस्ती के परिचय के इंतजार में !

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  6. आशीष जी के बारे में जानकर अच्‍छा लगा ... परिचय करवाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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  7. आशीष जी से परिचय करवाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद.

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  8. हमारे ही शहर के हैं
    पर आपने परिचय कराया
    आभार

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  9. आशीष जी के बारे में जान कर अच्छा लगा .कुछ तो उनके बारे में पता था .और जानने को मिला धन्यवाद

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  10. नरेश जी, आपका आभार कि आपने इस साधारण सी अनौपचारिक बातचीत को इतने अच्छे साक्षात्कार के रूप मे पेश किया। सभी ब्लॉगर साथियों का भी आभार कि हिन्दी ब्लॉग की इस दुनिया में उनका सहयोग मुझे अनवरत मिल रहा है..

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  11. आशीष जी हम सब के प्रिय ब्‍लॉगर हैं। उनसे मिलवाने के लिए नरेश जी आपको बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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  12. धन्यवाद के पात्र तो आशीष जी, आप और पाठक जिन्होंने मेरे इस ब्लोग को इतनी इज्जत बख्शी । और अपना कीमती वक्त दिया । मै सभी पाठको का और आपका आभारी हू ।

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  13. badhiya raha ashish ji ko janna.. :)

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  14. साक्षात्कार पढ़कर बहुत कुछ नया जानने को मिला । आपका शुक्रिया जी

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  15. "एक मुलाकात- आशीष जी के साथ " पढ़ कर आपने ग्रामीण अंचल से सीधे अंतरजाल जैसे उच्च तकनीकि में निष्णात आशीष जी से परिचय कराया , बहुत ही नेक काम किया और सन्देश भी पहुँचाया कि लगन और जागरूकता किसी क्षेत्र विशेष के लिए नहीं होती,
    हमारी भी उनको शुभकामनाएँ उन तक पहुंचायें नरेश जी.
    - विजय

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  16. यूं तो ब्लागजगत में आशीष जी से अपरिचित कोई भी नहीं है,लेकिन आपके माध्यम से थोडा विस्तार से उन्हे जानने का अवसर प्राप्त हुआ...आभार

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  17. Naresh sa
    khamma ghani
    Ashish ke bare me janane ki bahut utkantha thi . Aaj kuch puri hui.
    bahut bahut aabhar.
    Kiran Rajpurohit Nitila

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  18. कमाल है मैने तो सोचा था कि आशीष खंडेलवाल कोई बूढ़ा व्यक्ति होगा।

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