PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: सोलर लगाने में कितना खर्च आएगा, कितनी सब्सिडी मिलेगी और कितना फायदा होगा? आपको इस पोस्ट से जानकारी हो जायेगी
बिजली का बिल
लगातार बढ़ रहा है और इसी वजह से आज बड़ी संख्या में लोग अपने घर की छत पर Solar Panel लगवाने के बारे में सोच रहे हैं। ऐसे
लोगों के लिए भारत सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana काफी महत्वपूर्ण योजना है।
इस योजना के तहत
पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को घर की छत पर Grid Connected Rooftop Solar System लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता यानी सब्सिडी दी जाती
है। सरकारी पोर्टल के अनुसार 2 kW तक ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW के लिए ₹18,000 की केंद्रीय सहायता मिलती है। इस प्रकार
अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 तक है।
PM Surya Ghar Yojana क्या है?
PM Surya Ghar
Muft Bijli Yojana भारत सरकार की घरेलू rooftop solar योजना है। इसका उद्देश्य घरों की छत पर
सौर ऊर्जा प्रणाली लगाकर बिजली की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा सूर्य की रोशनी से पूरा
करना और बिजली के बिल को कम करना है।
यह योजना मुख्य
रूप से Residential Electricity Consumers के लिए है।
इसमें सामान्यतः
घर की छत पर On-Grid Solar System लगाया जाता है। इसमें सोलर पैनल और Grid-connected inverter होता है तथा बिजली के आने-जाने का हिसाब Net Meter के माध्यम से किया जाता है।
योजना और आवेदन से
संबंधित आधिकारिक जानकारी PM Surya Ghar के राष्ट्रीय पोर्टल और नवीन एवं
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) से प्राप्त की जा सकती है।
PM Surya Ghar में कितनी
सब्सिडी मिलती है?
केंद्रीय सरकार की
सब्सिडी इस प्रकार है:
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सोलर क्षमता |
केंद्रीय सब्सिडी |
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1 kW |
₹30,000 |
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2 kW |
₹60,000 |
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3 kW |
₹78,000 |
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4 kW |
₹78,000 |
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5 kW |
₹78,000 |
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6 kW या अधिक |
अधिकतम ₹78,000 |
ध्यान देने वाली
बात यह है कि 3 kW के बाद केंद्रीय सब्सिडी नहीं बढ़ती।
अर्थात यदि कोई
व्यक्ति 5 kW का सोलर प्लांट लगाता है तो उसे केंद्रीय
योजना के तहत 5 kW × ₹30,000 की सब्सिडी नहीं मिलेगी। उसकी अधिकतम
केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 ही रहेगी।
1 kW से 5 kW तक पूरा खर्च एक
नजर में
नीचे दिए गए
आंकड़े 2026 के राजस्थान के सामान्य बाजार के indicative ranges हैं, सरकारी fixed rates नहीं।
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क्षमता |
अनुमानित बाजार लागत |
केंद्रीय सब्सिडी |
सब्सिडी के बाद अनुमानित लागत |
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1 kW |
₹55,000–₹80,000 |
₹30,000 |
₹25,000–₹50,000 |
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2 kW |
₹1.10–₹1.50 लाख |
₹60,000 |
₹50,000–₹90,000 |
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3 kW |
₹1.50–₹2.10 लाख |
₹78,000 |
₹72,000–₹1.32
लाख |
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4 kW |
₹2.00–₹2.60 लाख |
₹78,000 |
₹1.22–₹1.82 लाख |
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5 kW |
₹2.30–₹3.20 लाख |
₹78,000 |
₹1.52–₹2.42 लाख |
On-grid solar system में battery सामान्यतः नहीं होती। दिन में: Solar Panel → Inverter → घर के उपकरण
यदि solar से घर की जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है तो अतिरिक्त बिजली grid में चली जाती है।रात में solar generation बंद होने के बाद घर grid से बिजली लेता है। Net Meter इस import और export का हिसाब रखता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि battery खरीदने और उसकी maintenance का खर्च नहीं होता। इसी कारण घरेलू बिजली का बिल कम करने के लिए on-grid system अक्सर battery वाले system से सस्ता पड़ता है।
इस योजना के कुछ सिक्रेट है जो मै आपके साथ कमेंट मे शेयर करूंगा आप इस बारे मे कुछ भी पूछ्ना हो तो बिना किसी शंका के कमेंट कर पूछ सकते है
