चिड़ावा - शेखावाटी में बहुत से कस्बे है | उनमे चिडावा कस्बा भी प्रसिद्ध है | चिडावा कस्बा जिला मुख्यालय झुंझुनू से 30 किमी तथा राजधानी जयपुर से २२० किमी पिलानी से १५ किमी दूरी पर स्थित है | यह कस्बा सेठ साहुकारो का रहा है | यह कस्बा बहुत सी बातो के लिए प्रसिद्ध रहा है |
चिडावा कस्बे में जिधर भी आप हलवाई की दूकान देखेंगे एक बोर्ड जरूर लगा हुआ होगा " लालचंद के मशहूर पेड़े यहाँ मिलते है " | यह लाल चंद कौन था यह तो मै भी नहीं जानता ,लेकिन उसके बनाए हुए पेड़े बहुत प्रसिद्ध हुए है और उसके नाम का फायदा सभी मिठाई विक्रेता उठाना चाहते है |
इस कस्बे में आप कहीं भी सूअर नहीं देख सकते है क्यों की यहां सूअर पालन असम्भव है | यहां के प्रसिद्ध संत बाबा गणेश नारायण जी (बावलिया पंडित जी ) ने किसी समय यह कहा था की यहां कोइ भी सूअर ज़िंदा नहीं रह पायेगा यानी की कोइ भी सूअर पालन नहीं कर पायेगा | इस लिए अब यह कस्बा सुअर मुक्त है | बहुत से लोगो ने पालने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए | अगली पोस्ट मै गणेश नारायण जी के बारे में ही लिख रहा हू |
यह कस्बा डालमिया घराने का पुश्तैनी गाँव भी है |
