यंहा स्थानीय परम्परा के अनुसार जब भी किसी के यंहा शादी होती है तो उस घर की छत के नाले से एक नारियल को बाँध दिया जाता है | ओर जब शादी संपन्न हो जाती है तब उस नारियल को खोल दिया जता है | लेकिन जब तक नारियल बंधा हुआ रहता है तब तक बरसात नहीं आती है | अगर आ भी जाए तो केवल बूंदा बांदी हो कर रह जाती है | घनघोर बरसात नहीं आती है |
आप अनुमान लगा सकते है की हर पांच दस दिन में किसी न किसी के यंहा तो शादी होती ही रहती है | यानी जब भी किसी के यंहा शादी, तो समझिये की किसान की बर्बादी | यह टोटका काफी समय पहले केवल गिने चुने लोगो को ही पता था लेकिन आजकल ग्लोबलाईजेशन के दोर में इस का पता सभी को चल गया है परीणाम स्वरूप बरसात बेचारी को बरसने के लिए बहुत कम दिन मिलते है |
हो सकता है कुछ आधुनिक लोग जो अपने आप को ज्यादा वैज्ञानिक समझते है इस को बचकानी हरकत कह सकते है | लेकिन इसमे कुछ तो सच्चाई है | आप माने या ना माने ...|
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प्रिय दोस्त लक्ष्मी कंहा हो तुम ?
राजस्थान के लोक देवता